PM Modi calls emergency CCS Meeting: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और ईरान पर अमेरिकी-इज़राइली हमलों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली लौटते ही कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की आपात बैठक बुलाई है। माना जा रहा है कि यह बैठक राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति और विदेश नीति से जुड़े अहम मुद्दों पर केंद्रित होगी। हालात को देखते हुए सरकार पूरी तरह सतर्क मोड में है।
क्यों अहम है बैठक
कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी देश की सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लेने वाली समितियों में से एक है। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं और इसमें रक्षा, गृह, विदेश व वित्त मंत्री शामिल होते हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सेना प्रमुख भी आवश्यक इनपुट देते हैं। मौजूदा हालात में यह बैठक रणनीतिक और कूटनीतिक दिशा तय करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
भारतीयों की सुरक्षा
खाड़ी क्षेत्र के देशों में लाखों भारतीय कामगार मौजूद हैं। यदि संघर्ष व्यापक रूप लेता है तो उनकी सुरक्षा बड़ी चुनौती बन सकती है। बैठक में जरूरत पड़ने पर बड़े पैमाने पर निकासी अभियान की रूपरेखा पर चर्चा संभव है। पहले भी भारत संकट के समय सफलतापूर्वक अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाल चुका है।
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तेल आपूर्ति और महंगाई की चिंता
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, जिसमें खाड़ी क्षेत्र की भूमिका अहम है। यदि तनाव बढ़ता है और समुद्री मार्ग प्रभावित होते हैं तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। इसका असर घरेलू ईंधन दरों और महंगाई पर पड़ेगा। सरकार संभावित आर्थिक झटके से निपटने के उपायों पर विचार कर सकती है।
रणनीतिक दांव
भारत ने ईरान के चाबहार पोर्ट के विकास में महत्वपूर्ण निवेश किया है। यह परियोजना मध्य एशिया तक भारत की रणनीतिक पहुंच का अहम माध्यम है। क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने पर इस निवेश और दीर्घकालिक रणनीतिक हितों पर भी असर पड़ सकता है।