India Asian Games 75 Medals : नागोया एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार का दिन भारत के लिए किसी सपने से कम नहीं रहा। सुबह से शाम तक भारतीय खिलाड़ियों ने ऐसा दम दिखाया कि पूरे एशिया में तिरंगे की गूंज सुनाई दी। तीरंदाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती और सेलिंग में भारतीय खिलाड़ियों ने एक के बाद एक पदक जीतकर देश को जश्न मनाने का मौका दिया। दिन खत्म होते-होते भारत का कुल पदक आंकड़ा 75 तक पहुंच गया और मेडल तालिका में भारतीय चुनौती और मजबूत हो गई।
तीरंदाजी में रचा गया इतिहास
दिन की सबसे बड़ी शुरुआत तीरंदाजी से हुई। भारतीय महिला रिकर्व टीम ने एशियाई खेलों के इतिहास में ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसकी लंबे समय से प्रतीक्षा थी। अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और कुमकुम मोहोड की तिकड़ी ने फाइनल में दक्षिण कोरिया जैसी दिग्गज टीम को 5-3 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। यह सिर्फ गोल्ड नहीं था, बल्कि भारतीय तीरंदाजी के लिए एक ऐतिहासिक जीत थी। वहीं पुरुष रिकर्व टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया और भारत का दबदबा कायम रखा।
लवलीना के मुक्कों से कांपा बॉक्सिंग रिंग
ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि बड़े मंच पर उनसे बेहतर खिलाड़ी कम ही हैं। महिला 75 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जियाई को 5-0 से हराकर गोल्ड मेडल जीत लिया। यह एशियन गेम्स में उनका पहला स्वर्ण पदक रहा। लवलीना की जीत ने पूरे भारतीय दल में नई ऊर्जा भर दी और बॉक्सिंग रिंग में भारत का परचम लहरा दिया।
हरियाणा की बेटी परवीन ने लिखी नई कहानी
महिला 65 किलोग्राम वर्ग में परवीन हुड्डा ने ऐसा प्रदर्शन किया जिसने करोड़ों भारतीयों का दिल जीत लिया। उन्होंने चीनी ताइपे की मजबूत मुक्केबाज निएन चिन चेन को 3-2 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में उनसे पदक छिन गया था। लेकिन इस बार परवीन ने वापसी की ऐसी मिसाल पेश की, जो आने वाले वर्षों तक याद रखी जाएगी। हरियाणा की इस बेटी ने दिखा दिया कि संघर्ष कितना भी बड़ा हो, हौसले उससे बड़े हो सकते हैं।
अंकुश पंघाल ने भी बरसाया सोना
भारतीय मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने पुरुष 80 किलोग्राम वर्ग में शानदार खेल दिखाते हुए दक्षिण कोरिया के किम मिनसॉन्ग को 4-0 से हराया और गोल्ड मेडल जीत लिया। हिसार के इस युवा खिलाड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी जीत ने बॉक्सिंग में भारत की गोल्डन हैट्रिक पूरी कर दी। एक ही दिन में तीन गोल्ड जीतकर भारतीय मुक्केबाजों ने पूरे एशिया को अपनी ताकत का अहसास करा दिया।
सुजीत कलकल की वापसी ने हिला दिया अखाड़ा
दिन का सबसे रोमांचक मुकाबला कुश्ती के अखाड़े में देखने को मिला। हरियाणा के पहलवान सुजीत कलकल फाइनल में एक समय 2-9 से पीछे चल रहे थे। ऐसा लग रहा था कि गोल्ड हाथ से निकल चुका है। लेकिन सुजीत ने हार मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने आखिरी क्षणों में जोरदार पलटवार करते हुए मुकाबला 10-9 से जीत लिया। इससे पहले उन्होंने सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को भी हराया था। उनकी यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि जज्बे, संघर्ष और आत्मविश्वास की मिसाल बन गई।
सेलिंग और सेपकटकरा से भी आई खुशखबरी
भारत की स्टार खिलाड़ी नेत्रा कुमानन ने सेलिंग में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर देश की झोली में एक और सफलता डाली। वहीं सेपकटकरा में भारतीय पुरुष टीम ने भी कांस्य पदक हासिल किया। इन पदकों ने साबित किया कि भारत अब सिर्फ पारंपरिक खेलों में नहीं, बल्कि नए खेलों में भी मजबूती से अपनी पहचान बना रहा है।
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भारत ने दिया पूरे एशिया को संदेश
एक दिन में तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती से आए गोल्ड मेडल ने साफ कर दिया कि भारतीय खेल अब नए दौर में प्रवेश कर चुके हैं। खिलाड़ी सिर्फ भाग लेने नहीं, बल्कि इतिहास लिखने मैदान में उतर रहे हैं। नागोया में आज जो हुआ, उसने पूरे देश को गर्व से भर दिया। तिरंगा लगातार ऊंचा उड़ रहा है और भारत का स्वर्णिम अभियान अभी जारी है।