मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत की हवाई सेवाओं को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने साफ किया है कि देश में अगले 60 दिनों तक एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कोई कमी नहीं होगी और उड़ान सेवाएं बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगी। इससे यात्रियों और एयरलाइन कंपनियों दोनों को बड़ी राहत मिली है।
सरकार का भरोसा, सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए कहा कि देश में ATF की पर्याप्त उपलब्धता है। उन्होंने बताया कि सामान्य तौर पर देश में उत्पादित ईंधन का लगभग आधा हिस्सा घरेलू जरूरतों के लिए और बाकी निर्यात के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में सप्लाई चेन पर फिलहाल कोई दबाव नहीं है।
एयरलाइन सुरक्षा पर बढ़ा फोकस
सरकार ने सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के मुद्दे पर भी सख्ती बढ़ा दी है। मंत्री ने बताया कि मंत्रालय ने एयरलाइन कंपनियों के ऑडिट की संख्या बढ़ा दी है और नियमित निरीक्षण किए जा रहे हैं। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि हर उड़ान से पहले सभी जरूरी मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।
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इमरजेंसी लैंडिंग पर भी स्पष्ट नीति
आपातकालीन लैंडिंग को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ की है। मंत्री के मुताबिक, किसी भी विमान की इमरजेंसी लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षा मानकों पर आधारित होती है। इसमें विमान की स्थिति, मौसम और तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखा जाता है। यानी किसी भी फैसले में यात्रियों की सुरक्षा सबसे ऊपर रखी जाती है।
विमानों की जांच पूरी, ऑपरेशन सुरक्षित
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के निर्देश पर सभी एयरलाइन ऑपरेटरों ने अपने विमानों की जरूरी जांच पूरी कर ली है। खासतौर पर बोइंग विमानों के फ्यूल कंट्रोल सिस्टम की जांच की गई और सभी विमान संचालन के लिए सुरक्षित पाए गए हैं। इससे हवाई यात्रा की सुरक्षा को लेकर भरोसा और मजबूत हुआ है।
सरकार लगातार रख रही नजर
सरकार और मंत्रालय दोनों ही लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। ईंधन सप्लाई से लेकर विमान सुरक्षा तक हर पहलू पर सक्रिय निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह की बाधा न आए। आने वाले समय में भी यात्रियों को सुरक्षित और सुचारू हवाई सेवाएं मिलती रहें, इसके लिए पूरी तैयारी की गई है।