नई दिल्ली-- भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा और सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर जल्द ही उच्चस्तरीय वार्ता होने जा रही है। 8 से 11 जून के बीच प्रस्तावित महानिदेशक (DG) स्तर की बैठक में दोनों देशों के सीमा सुरक्षा प्रमुख आमने-सामने बैठकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा करेंगे। बदलते क्षेत्रीय परिदृश्य के बीच यह बैठक दोनों देशों के संबंधों और सीमा प्रबंधन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सीमा सुरक्षा और घुसपैठ रहेगा मुख्य एजेंडा
बैठक में अवैध घुसपैठ, सीमा पार अपराध, तस्करी और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। भारत लंबे समय से अवैध घुसपैठ को गंभीर चुनौती मानता रहा है और सीमा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने पर जोर दे रहा है। दोनों पक्ष सीमा पर बेहतर समन्वय और निगरानी तंत्र विकसित करने पर भी विचार कर सकते हैं।
फेंसिंग कार्य में तेजी लाने पर होगा मंथन
भारत-बांग्लादेश सीमा की कुल लंबाई 4,096 किलोमीटर है, जिसमें अब भी कई हिस्सों में फेंसिंग का कार्य पूरा नहीं हो सका है। विशेष रूप से नदी क्षेत्रों और दुर्गम इलाकों में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना चुनौती बना हुआ है। बैठक में अधूरी फेंसिंग, तकनीकी समाधान और सीमा निगरानी को आधुनिक बनाने के उपायों पर चर्चा होने की उम्मीद है।
बीएसएफ पर हमलों और नागरिक मुद्दों पर भी बातचीत
सीमा पर तैनात जवानों की सुरक्षा भी बैठक के प्रमुख विषयों में शामिल रहेगी। सीमा क्षेत्रों में होने वाली घटनाओं, तनावपूर्ण परिस्थितियों और नागरिकों से जुड़े मामलों पर दोनों पक्ष अपने-अपने दृष्टिकोण साझा कर सकते हैं। उम्मीद है कि सीमा पर शांति और विश्वास कायम रखने के लिए साझा रणनीति पर भी विचार किया जाएगा।
द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर रहेगा फोकस
बैठक के दौरान सीमा पार अपराधों पर रोक लगाने, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा करने और क्षेत्रीय सुरक्षा सहयोग को मजबूत बनाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हो सकती है। वार्ता के समापन पर दोनों देशों के प्रतिनिधि साझा सहमति वाले बिंदुओं को दस्तावेज़ के रूप में दर्ज कर भविष्य की कार्ययोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।