Barrier Free Toll : देश के हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि सरकार फरवरी तक देश में बैरियर फ्री टोल कलेक्शन सिस्टम लागू करने की दिशा में काम कर रही है। इसके बाद वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी और सफर पहले से ज्यादा तेज हो जाएगा।
क्या है नई व्यवस्था?
सरकार मल्टी-लेन फ्री फ्लो (एमएलएफएफ) टोल सिस्टम लागू करने की तैयारी कर रही है। इस तकनीक में टोल प्लाजा पर किसी तरह का भौतिक बैरियर नहीं होगा। वाहन अपनी सामान्य गति से गुजरेंगे और टोल राशि डिजिटल माध्यम से स्वतः कट जाएगी। इसका मकसद टोल प्लाजा पर लगने वाले जाम और इंतजार को पूरी तरह खत्म करना है।
फास्टैग ने बदली तस्वीर
नितिन गडकरी ने बताया कि फास्टैग लागू होने के बाद टोल प्लाजा पर इंतजार का समय 80 से 90 प्रतिशत तक कम हुआ है। पहले कई जगह लोगों को 12 मिनट से लेकर 30 मिनट तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब यह समय काफी घट चुका है। सरकार अब शेष बची देरी को भी समाप्त करना चाहती है।
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करोड़ों घंटे और हजारों करोड़ की बचत
सरकार के अनुसार तेज टोल कलेक्शन व्यवस्था से हर साल करीब 71 करोड़ घंटे की बचत हो रही है। इसके साथ ही आर्थिक लाभ का अनुमान लगभग 68,500 करोड़ रुपये सालाना बताया गया है। कम रुकावट की वजह से ईंधन की खपत भी घटती है, जिससे पर्यावरण को भी फायदा मिलता है।
डिजिटल नेटवर्क से जुड़ेगा पूरा सिस्टम
नई व्यवस्था में फास्टैग, वाहन डेटाबेस, बीमा और बैंकिंग सिस्टम को और बेहतर तरीके से जोड़ा जाएगा। इससे टोल वसूली अधिक पारदर्शी और तेज होगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक के जरिए सड़क परिवहन व्यवस्था को और आधुनिक बनाया जा सकता है।
फिनटेक कंपनियों के लिए भी बड़ा मौका
गडकरी ने कहा कि डिजिटल टोलिंग के विस्तार से फिनटेक क्षेत्र के लिए नए अवसर पैदा होंगे। जैसे-जैसे टोल, बैंकिंग, बीमा और वाहन संबंधी सेवाएं आपस में जुड़ेंगी, वैसे-वैसे नई डिजिटल सेवाओं का विकास होगा। सरकार चाहती है कि इस क्षेत्र में अधिक कंपनियां आएं और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराएं।