विशाखापत्तनम में खेले गए तीसरे और निर्णायक वनडे में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को 9 विकेट से हराकर सीरीज 2-1 से जीत ली। लक्ष्य था 271 रन, जिसे भारतीय बल्लेबाज़ों ने बेहद आसान बना दिया। कप्तान केएल राहुल की अगुवाई में यह लगातार दूसरी वनडे सीरीज है जिसमें भारत ने साउथ अफ्रीका को मात दी। पूरे मैच में भारतीय टीम का दबदबा इतना मजबूत था कि अफ्रीका मुकाबले में कहीं भी टिकती नहीं दिखी। इस मैच में फिर एक बार रोहित कोहली ने शानदार पारी के लिए लेकिन असली खेल खुशी जायसवाल ने किया जिन्होंने इस मैच में शतक जड़ा.
यशस्वी का धमाका- चौथे वनडे में पहला शतक
इस जीत का सबसे बड़ा आकर्षण रहा यशस्वी जायसवाल का पहला वनडे शतक। सीरीज के पहले दो मैचों में नाकाम रहने वाले यशस्वी ने निर्णायक मुकाबले में अपना असली दम दिखाया। उन्होंने शुरुआती सावधानी के बाद शानदार अंदाज में बल्लेबाजी की, 111 गेंदों में अपना पहला वनडे शतक पूरा किया और चौथे ही वनडे मैच में यह ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। शुभमन गिल की चोट के कारण उन्हें ओपनिंग का मौका मिला था और उन्होंने इस अवसर का बेहतरीन फायदा उठाया।
धीमी शुरुआत, फिर ताबड़तोड़ हमला
पारी की शुरुआत यशस्वी के लिए आसान नहीं थी। वह पहले दो मैचों की तरह खुलकर खेल नहीं पा रहे थे, लेकिन रोहित शर्मा के साथ मिलकर उन्होंने पारी को संभाला। 75 गेंदों में अर्धशतक लगाने के बाद उनके तेवर बदल गए और फिर चौके-छक्कों की बरसात शुरू हुई। देखते ही देखते उन्होंने साउथ अफ्रीकी गेंदबाज़ों को असहाय बना दिया और शतक तक पहुंच गए। उनकी इस पारी ने मैच का पूरा रुख भारत के पक्ष में मोड़ दिया।
सीरीज का हीरो, टीम इंडिया को मिला नया ओपनर
यशस्वी जायसवाल का यह शतक सिर्फ इस मैच के लिए ही नहीं, बल्कि टीम इंडिया के भविष्य के लिए भी बेहद अहम है। डेब्यू के बाद लंबे समय तक वनडे में मौका नहीं मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी वापसी को यादगार बना दिया। पहले मैच में 18 और दूसरे में 22 रन बनाकर दबाव में आए यशस्वी ने तीसरे मैच में सारी आलोचनाओं को गलत साबित कर दिया। उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं को भी एक मजबूत संकेत दिया है कि भारत के पास एक और स्थायी और भरोसेमंद ओपनर तैयार है।