हॉन्ग कॉन्ग सिक्सेस के हाई-वोल्टेज मुकाबले में एक बार फिर वही हुआ जो दुनिया भर के क्रिकेट फैंस बार-बार देखते आए हैं. भारत ने पाकिस्तान को हराया, और इस बार तो किस्मत भी पाकिस्तान के साथ खड़ी नहीं हो पाई. मॉन्ग कॉक के मैदान पर पाकिस्तान जीत की पटरी पर दौड़ रहा था, स्कोर 3 ओवर में 1 विकेट पर 41 रन था… लेकिन तभी तेज बारिश ने मैच रोक दिया. मुकाबला दोबारा शुरू नहीं हो सका और जब डकवर्थ-लुईस का हिसाब आया तो पाकिस्तान भारत से पूरे 2 रन पीछे बैठा
उथप्पा का ‘सिक्सेस शो’
भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 6 ओवर में 86 रन ठोक डाले, और इस धुआंधार बैटिंग की आग सबसे ज्यादा रॉबिन उथप्पा ने लगाई. उथप्पा ने आते ही पाकिस्तान के गेंदबाज़ों पर छक्कों-चौकों की बरसात कर दी. 11 गेंदों में 28 रन बनाए जिसमें 3 छक्के, 2 चौके शामिल रहे जबकि भरत चिपली ने भी 24 रन ठोके और कप्तान दिनेश कार्तिक ने सिर्फ 6 गेंदों में नाबाद 17 रन जोड़कर स्कोर को प्रतिस्पर्धी बना दिया. छोटे फॉर्मेट के इस मैच में भारतीय बल्लेबाज़ों ने दिखा दिया कि चाहे मैदान छोटा हो या बड़ा पाकिस्तान के सामने इंडिया का बल्ला हमेशा बोलता है.
पाकिस्तान की हार की असली वजह
जहां बैटिंग में उथप्पा ने धमाल मचाया, वहीं गेंदबाजी में स्टुअर्ट बिन्नी ने पाकिस्तान की उम्मीदों को वहीं रोक दिया. बिन्नी ने सिर्फ 7 रन देकर एक अहम विकेट लिया और गेंदबाजी इतनी कसी हुई थी कि पाकिस्तान तेज शुरुआत के बावजूद DLS में पीछे रह गया. यही वो ओवर था जिसने बारिश के बाद जीत की दिशा तय कर दी. पाकिस्तान की बल्लेबाज़ी फॉर्म में थी, लेकिन बिन्नी के एक ओवर ने भारत को जीत के बेहद करीब पहुंचा दिया. क्रिकेट एक्सपर्ट्स भी मान रहे हैं कि अगर ये ओवर महंगा चला होता तो आज नतीजा कुछ और होता.
बारिश बनी मुसीबत, DLS ने सुनाया फैसला
बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही थी और अंपायरों ने मैच को वहीं रोकने का फैसला किया. DLS के तहत पाकिस्तान का स्कोर भारतीय लक्ष्य से 2 रन कम निकला और भारत को जीत दे दी गई. पाकिस्तान की टीम और फैंस हैरान रह गए, लेकिन नियम तो नियम होता है. मैच के बाद सोशल मीडिया पर मजाक उड़ने लगा—पाकिस्तान मैदान पर हारे तो हारे, ऊपर वाला भी बचाने नहीं आया. इस जीत के साथ भारत ने फिर साबित कर दिया कि चाहे बड़ा टूर्नामेंट हो, वर्ल्ड कप हो या फिर हॉन्ग कोंग सिक्सेस… भारत बनाम पाकिस्तान में नतीजा बदलता नहीं, बस जीत की कहानी का अंदाज़ बदलता है.