साल 2025 में अगर भारतीय गेंदबाजी का सबसे चमकदार चेहरा कोई रहा, तो वह कुलदीप यादव रहे। इस चाइनामैन स्पिनर ने तीनों फॉर्मेट में अपनी गेंदों से बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। कुलदीप ने 25 मैचों में 60 विकेट लेकर भारत के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज का तमगा हासिल किया। मिडिल ओवर्स में उनका कंट्रोल और विकेट निकालने की काबिलियत टीम इंडिया के लिए गेम चेंजर साबित हुई। बड़े मुकाबलों में कप्तान का भरोसा बार-बार कुलदीप पर दिखा, और उन्होंने उस भरोसे को नतीजों में बदला। 2025 ने साफ कर दिया कि कुलदीप अब सिर्फ सपोर्टिंग गेंदबाज नहीं, बल्कि भारत की गेंदबाजी के लीडर बन चुके हैं।
वरुण चक्रवर्ती का रहस्यमयी असर
मिस्ट्री स्पिनर वरुण चक्रवर्ती ने भी 2025 में भारतीय गेंदबाजी को नई धार दी। उन्होंने 24 मैचों में 46 विकेट लेकर खुद को टीम का अहम हथियार साबित किया। वरुण की सबसे बड़ी ताकत यही रही कि बल्लेबाज उनकी गेंदों को पढ़ नहीं पाए। टी20 हो या वनडे, उनकी विविधता ने विरोधी टीमों की रन गति पर ब्रेक लगाया। कई मुकाबलों में वरुण ने बीच के ओवरों में विकेट निकालकर मैच का रुख बदल दिया। उनकी मौजूदगी ने भारतीय स्पिन अटैक को और मजबूत बना दिया और 2025 उनके करियर का अहम साल बनकर उभरा।
तेज गेंदों से बुमराह-सिराज का कहर
तेज गेंदबाजी विभाग में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने 2025 में बराबरी का दम दिखाया। बुमराह ने 21 मैचों में 45 विकेट लेकर एक बार फिर साबित किया कि वह दबाव के खिलाड़ी हैं। डेथ ओवर्स में उनकी सटीक यॉर्कर बल्लेबाजों के लिए परेशानी बनी रही। वहीं मोहम्मद सिराज ने कम मैच खेलते हुए भी उतने ही विकेट चटकाए। सिर्फ 13 मुकाबलों में 45 विकेट लेना उनकी आक्रामकता और निरंतरता को दर्शाता है। नई गेंद से शुरुआती झटके देने में सिराज की भूमिका भारत की जीत में अहम रही।
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जडेजा का शांत लेकिन असरदार योगदान
रविंद्र जडेजा ने 2025 में भले ही सबसे ज्यादा सुर्खियां न बटोरी हों, लेकिन उनका योगदान बेहद अहम रहा। उन्होंने 20 मैचों में 37 विकेट लेकर टीम के लिए स्थिरता बनाए रखी। जडेजा की गेंदबाजी का असली असर रन रोकने और दबाव बनाने में दिखा। जब दूसरे गेंदबाज विकेट नहीं निकाल पा रहे होते, तब जडेजा बल्लेबाजों को बांधकर रखते। अनुभव और समझदारी के साथ उन्होंने गेंदबाजी यूनिट को संतुलन दिया। कुल मिलाकर 2025 में इन पांच गेंदबाजों ने मिलकर भारत की गेंदबाजी को नई ऊंचाई दी और टीम इंडिया को हर फॉर्मेट में मजबूत बनाए रखा।