ऑपरेशन सिंदूर को लेकर पाकिस्तान का लंबे समय से चला आ रहा इनकार आखिरकार खत्म हो गया है। 7 महीने बाद पहली बार पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार ने स्वीकार किया कि भारतीय हमलों में नूर खान एयरबेस को नुकसान पहुंचा था। यह कबूलनामा भारत की सैन्य क्षमता और ब्रह्मोस मिसाइल की सटीकता का बड़ा प्रमाण माना जा रहा है, जिसने पाकिस्तान की सुरक्षा तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या था ऑपरेशन सिंदूर?
22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। इस हमले में 26 निर्दोष पर्यटकों की जान गई थी। भारत ने इसे पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद का सीधा हमला माना। इसके जवाब में 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसके तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए गए।
नूर खान एयरबेस पर सीधा वार
पाकिस्तान ने अब माना है कि 10 मई की सुबह रावलपिंडी के पास स्थित नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया गया था। यह एयरबेस पाकिस्तान की वायुसेना के सबसे संवेदनशील ठिकानों में से एक है, जो उनके सैन्य मुख्यालय के बेहद करीब है। हमले में बेस की कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और कई सैनिक घायल हुए।
36 घंटे में 80 ड्रोन, एयर डिफेंस फेल
इशाक डार के मुताबिक, भारत ने महज 36 घंटों के भीतर करीब 80 ड्रोन पाकिस्तान की सीमा में भेजे। इनमें से कुछ ड्रोन एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देकर सैन्य ठिकानों तक पहुंचे। इससे साफ हो गया कि पाकिस्तान की सुरक्षा प्रणाली भारतीय तकनीक के सामने कमजोर साबित हुई।
ब्रह्मोस मिसाइल ने बदला समीकरण
पाकिस्तान की यह स्वीकारोक्ति उन रिपोर्ट्स को मजबूती देती है जिनमें कहा गया था कि भारत ने ब्रह्मोस सुपरसॉनिक क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। इन मिसाइलों की रफ्तार और सटीकता ने पाकिस्तान के एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया और उसकी रणनीतिक तैयारी को झटका दिया।
डर और आपात बैठक
डार ने खुलासा किया कि 9 मई की रात पाकिस्तान में हड़कंप मच गया था। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की अगुवाई में सेना और सरकार की आपात बैठक बुलाई गई। हालात इतने गंभीर थे कि स्थिति नियंत्रण से बाहर जाती दिख रही थी।
सीजफायर क्यों जरूरी हुआ?
लगातार हमलों और अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते 10 मई को सीजफायर किया गया। पाकिस्तान पहले कहता रहा कि उसे कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन अब खुद उसके शीर्ष नेता सच्चाई स्वीकार कर रहे हैं।
भारत की नई रणनीति का संकेत
ऑपरेशन सिंदूर ने साफ कर दिया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ सटीक और निर्णायक कार्रवाई की नीति पर चल रहा है। बिना बड़े युद्ध में उलझे, दुश्मन को कड़ा संदेश देना भारत की बदलती सैन्य रणनीति का संकेत है।