पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और तेल आपूर्ति पर दबाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच भारत ने सस्ते विकल्पों की तरफ कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि इसका असर आगे चलकर पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर भी दिखाई दे सकता है।
वेनेजुएला बना बड़ा सप्लायर
ताजा आंकड़ों के अनुसार वेनेजुएला अब भारत के लिए प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में तेजी से आगे बढ़ा है। मई महीने में भारत ने वहां से बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की खरीद की। बताया जा रहा है कि यह तेल कीमत के मामले में अन्य विकल्पों की तुलना में ज्यादा सस्ता पड़ रहा है, जिससे कंपनियों की लागत कम हो सकती है।
रिलायंस ने बढ़ाई खरीद
भारतीय कंपनियां अब वेनेजुएला के तेल की तरफ ज्यादा ध्यान दे रही हैं। खासतौर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी बड़ी कंपनियां इसकी खरीद बढ़ा रही हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार गुजरात की उन्नत रिफाइनरी इस तेल को बेहतर तरीके से प्रोसेस कर सकती है। इसी वजह से कंपनियां इस विकल्प को ज्यादा उपयोगी मान रही हैं।
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सऊदी और अमेरिका क्यों पीछे?
वैश्विक तनाव बढ़ने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। सऊदी अरब समेत कई देशों से आने वाला तेल महंगा पड़ने लगा है। इसी कारण भारत ने कुछ पारंपरिक आपूर्तिकर्ताओं से खरीद कम कर दी है। बदलते बाजार हालात के बीच कंपनियां लागत बचाने वाले विकल्प तलाश रही हैं।
क्या कम होंगे दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत कम कीमत वाले कच्चे तेल की खरीद बढ़ाता रहता है तो घरेलू बाजार पर दबाव कम हो सकता है। इससे तेल कंपनियों को राहत मिल सकती है और आगे चलकर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर भी असर देखने को मिल सकता है।
अभी भी बनी हुई है चुनौती
हालांकि अंतरराष्ट्रीय हालात अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हैं। युद्ध और वैश्विक तनाव का असर ऊर्जा बाजार पर लगातार बना हुआ है। इसलिए आने वाले समय में परिस्थितियां किस दिशा में जाएंगी, इस पर सभी की नजर बनी हुई है। फिलहाल भारत के लिए सस्ता तेल राहत की एक बड़ी उम्मीद बनकर सामने आया है।