नई दिल्ली। वैश्विक व्यापारिक तनाव और ट्रंप प्रशासन के टैरिफ वॉर के बीच भारत को चीन से बड़ी राहत का संदेश मिला है। भारत दौरे पर आए चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने आश्वासन दिया है कि उनका देश भारत की तीन बड़ी समस्याओं – रेयर अर्थ मिनरल, फर्टिलाइजर्स और टनल बोरिंग मशीन की कमी – को दूर करने में मदद करेगा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
तीन बड़ी समस्याओं के समाधान का वादा
चीन ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह रेयर अर्थ मिनरल्स की उपलब्धता, उर्वरक संकट और टनल बोरिंग मशीन से जुड़ी चिंताओं का हल निकालने में सहयोग करेगा। भारत की विकास परियोजनाओं, कृषि उत्पादन और अवसंरचना निर्माण के लिए ये तीनों सेक्टर बेहद अहम माने जाते हैं।
बातचीत में उठे ये मुद्दे
बैठक के दौरान दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने तीर्थयात्रा, नदी डेटा साझाकरण, सीमा व्यापार और लोगों से लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर भी बात की। जयशंकर ने स्पष्ट किया कि भारत-चीन संबंधों के कई आयाम हैं और इन्हें आपसी सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर मजबूत करना होगा।
प्रतिबंधों से बचने पर जोर
चर्चा के दौरान भारत ने यह भी संकेत दिया कि व्यापार में अनावश्यक बाधाओं और प्रतिबंधों से बचना जरूरी है। स्थिर और रचनात्मक भारत-चीन संबंध न केवल दोनों देशों बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए लाभकारी होंगे।
पीएम मोदी की संभावित चीन यात्रा
वांग यी की यह यात्रा ऐसे समय में हुई है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 31 अगस्त से सितम्बर की शुरुआत तक तियानजिन में होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) समिट में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। माना जा रहा है कि इस सम्मेलन में भारत-चीन संबंधों पर भी अहम संदेश सामने आ सकता है।