श्रीलंका में आए भीषण बाढ़ संकट के बीच पाकिस्तान ने दावा किया कि भारत उसके विमानों को अपने एयरस्पेस से उड़ान भरने की इजाजत नहीं दे रहा है। लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। भारत ने मानवीय सहायता ले जा रही पाकिस्तानी उड़ानों को मात्र चार घंटे में क्लियरेंस दे दिया। इस कदम ने न सिर्फ पाकिस्तान के प्रोपगैंडा को उजागर किया, बल्कि यह भी दिखाया कि आपदा के समय मानवता राजनीति से कहीं बड़ी है।
भारत ने दिखाया मानवीय संकल्प
श्रीलंका में बाढ़ राहत सामग्री पहुंचाने के लिए पाकिस्तान को भारतीय एयरस्पेस से गुजरना जरूरी था। इसके लिए पाकिस्तान की ओर से 1 दिसंबर दोपहर करीब 1 बजे औपचारिक अनुरोध भेजा गया। चूंकि मामला सीधे मानवीय सहायता से जुड़ा था, भारत ने बेहद तेजी दिखाते हुए उसी दिन चार घंटे के भीतर उड़ानों को मंजूरी दे दी। शाम 5:30 बजे आधिकारिक चैनल से इसकी पुष्टि भी कर दी गई।
पाकिस्तानी दावा फिर निकला झूठ
क्लियरेंस मिलने के बावजूद पाकिस्तानी मीडिया ने दुष्प्रचार करते हुए कहा कि भारत एयरस्पेस देने को तैयार नहीं है। लेकिन भारतीय अधिकारियों ने साफ किया कि यह पूरी तरह झूठा दावा है। जिस रिक्वेस्ट की बात पाकिस्तान कर रहा था, वह कुछ ही घंटों में प्रोसेस कर दी गई थी। इससे पहले भी कई बार पाकिस्तान इस तरह के झूठ फैलाकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहानुभूति जुटाने की कोशिश करता रहा है।
श्रीलंका में तबाही: देश में आपातकाल की स्थिति
28 नवंबर को चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी कहर बरपाया। तेज आंधी, लगातार बारिश और भूस्खलन ने हालात बदतर कर दिए। अब तक 355 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लापता हैं। इस प्राकृतिक आपदा को लेकर पूरे देश में आपातकाल घोषित किया गया है। लाखों लोग विस्थापित हैं और बड़े पैमाने पर राहत कार्य चल रहे हैं।
भारत का मानवीय सहयोग जारी
श्रीलंका में संकट गहराने के बाद भारत ने तुरंत राहत अभियान तेज कर दिए। राहत सामग्री, बचाव दल, मेडिकल टीम और आवश्यक आपूर्ति भेजी जा रही है। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि पड़ोसी देशों की मदद करना उसकी प्राथमिकता है और मानवता के प्रश्न पर राजनीतिक मतभेदों को पीछे छोड़ना ही बड़ी जिम्मेदारी है।