कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को सिर्फ तीन दिन में 30 रन से हरा दिया। यह जीत अफ्रीकी टीम के लिए ऐतिहासिक रही, क्योंकि इसके साथ ही वे दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे हो गए। भारत में 15 साल बाद साउथ अफ्रीका की ये पहली टेस्ट जीत है। इससे भी बड़ी बात यह रही कि उन्होंने ईडन गार्डन्स पर 53 साल का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सबसे कम स्कोर 124 रन को सफलतापूर्वक डिफेंड कर नया इतिहास रचा।
अफ्रीकी गेंदबाजों का शानदार प्रदर्शन
मैच में साउथ अफ्रीका ने भारत को जीत के लिए 124 रन का लक्ष्य दिया था, जो देखने में छोटा लग रहा था, लेकिन पिच पर बल्लेबाजी बेहद मुश्किल साबित हुई। अगर टीम इंडिया इस लक्ष्य को हासिल कर लेती, तो वह 21 साल पहले अपने ही नाम दर्ज रिकॉर्ड को तोड़ देती। लेकिन इसके उलट भारतीय बल्लेबाजी शुरू से ही दबाव में दिखी और साउथ अफ्रीकी गेंदबाजों ने शानदार अनुशासन दिखाते हुए हर मौके का फायदा उठाया।
100 रन भी नहीं बना सकी टीम इंडिया
लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम दूसरी पारी में 100 रन भी नहीं बना सकी। कप्तान शुभमन गिल की गैरहाज़िरी पहले ही टीम को कमजोर कर चुकी थी और इसके बाद बल्लेबाज बड़े स्कोर खड़े करने में नाकाम साबित हुए। भारत के 9 विकेट सिर्फ 93 रन पर गिर गए और अंत में मेजबान टीम 30 रन से मैच हार गई। इस हार के साथ टेस्ट क्रिकेट में भारत की घरेलू बादशाहत को बड़ा झटका लगा।
बल्लेबाजी का ढांचा शुरुआत से ही अस्थिर
ईडन गार्डन्स पर सबसे कम स्कोर डिफेंड करने का पिछला रिकॉर्ड 1972 का था, जब 192 रन का लक्ष्य सफलतापूर्वक बचाया गया था। लेकिन 53 साल बाद साउथ अफ्रीका ने इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए मात्र 124 रन जैसे छोटे लक्ष्य को बचाने में सफलता हासिल की। इस उपलब्धि ने टेस्ट इतिहास में अफ्रीकी गेंदबाजों की काबिलियत और अनुशासन को एक नई पहचान दी। मैच की शुरुआत में साउथ अफ्रीका पहली पारी में सिर्फ 159 रन बनाकर आउट हो गई थी। भारत ने अपनी पहली पारी में 189 रन बनाकर 30 रन की छोटी सी बढ़त जरूर हासिल की, लेकिन बल्लेबाजी का ढांचा शुरुआत से ही अस्थिर दिखा। दोनों टीमों की गेंदबाजी इस मैच में हावी रही और रन बनाना किसी भी बल्लेबाज के लिए आसान नहीं था।
अगला मैच करो या मरो वाली स्थिति में
साउथ अफ्रीका ने अपनी दूसरी पारी में 154 रन बनाए और भारत के सामने 124 रन का आसान दिखने वाला लक्ष्य रखा। लेकिन इस लक्ष्य के सामने भारतीय बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। टॉप ऑर्डर ने शुरुआती विकेट गंवाकर दबाव बढ़ाया और निचला क्रम भी जिम्मेदारी नहीं निभा पाया। इस तरह अफ्रीका ने न सिर्फ मैच जीता बल्कि इस मैदान पर एक ऐसा रिकॉर्ड बना दिया जिसे याद रखा जाएगा। भारत अब सीरीज में पीछे है और अगला टेस्ट उसके लिए करो या मरो जैसा बन चुका है।