भारत ने एक बार ब्लैक सी (काला सागर) से गुजर रहे कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने पर सख्त आपत्ति जताई है। बुधवार को विदेश मंत्रालय (एमईए) की पाक्षिक प्रेस वार्ता में भारत ने अपनी फिक्र जाहिर की।एमईए प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि पिछले एकाध दिनों में हुए इन हमलों की भारत निंदा करता है। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "भारत ने मंगलवार से बुधवार के बीच देखा कि चार वाणिज्यिक जहाजों पर हमले हुए। हम इसकी घोर निंदा करते हैं। वाणिज्यिकी नौ परिवहन और नाविक समुदाय को खतरे के दायरे में लाया जा रहा है।"
भारतीय नागरिक को चोट पहुंची
जायसवाल ने आगे कहा, "पहला जहाज एमवी रायोद मम्मदोव पर ब्लैक सी में हमला हुआ। जिसमें तीन भारतीय नागरिक थे। उसमें से एक भारतीय नागरिक को चोट पहुंची। उनका उपचार चल रहा है। रोमानिया स्थित दूतावास उनके सम्पर्क में है। अधिकारी उनके कल्याण और देखभाल का पूरा ख्याल रख रहे हैं।"
मंगलवार को हमला हुआ।
एक ही दिन में दूसरे जहाज पर हुए अटैक का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया, "दूसरा जहाज टोगो फ्लैग वाला अल्फावतन है। इस पर मंगलवार को हमला हुआ। हालांकि इस पर मौजूद क्रू को लेकर हमारे पास कोई जानकारी नहीं है। सरकार से हमारी बातचीत जारी है। वहीं तीसरा हमला एमबी केबल पर हुआ। पलाऊ देश के ध्वज वाले इस जहाज पर ड्रोन हमला हुआ, जिसके बाद बुल्गारियाई नौका ने इसके सभी 18 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया। 18 में से 7 भारतीय हैं, और इनमें से भी एक को चोट आई है जिसका इलाज चल रहा है। हमारा दूतावास उनके संपर्क में है। हम बुल्गारिया को इसके लिए धन्यवाद देते हैं।"
सबको सुरक्षित बचा लिया गया
एमईए प्रवक्ता के अनुसार, चौथा शिप लाइबेरिया अफ्रामैक्स रियो था, जिसके सभी सदस्यों को बचा लिया गया। ये ऑयल टैंकर था। इसमें 23 भारतीय नागरिक सवार थे, सबको सुरक्षित बचा लिया गया है। एक घायल भारतीय नागरिक का उपचार चल रहा है।
कूटनीति और संवाद का रास्ता
समस्या के समाधान के लिए भारत के सुझाए विकल्प की ओर ध्यान दिलाते हुए जायसवाल ने कहा, "ये हमले वाणिज्यिक जहाजों और हमारे लोगों के लिए खतरा पैदा कर रहे हैं और हमें इससे चिंता होती है। हम आह्वान करते हैं कि कूटनीति और संवाद का रास्ता अपनाया जाए ताकि शांति लौटे। हमारे नाविक समुदाय को टारगेट करना ठीक नहीं है। हमारा मानना है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर नौ परिवहन चलते रहना चाहिए।"