टी20 में वर्ल्ड चैंपियन टीम इंडिया ने कटक में साबित कर दिया कि वह क्यों दुनिया की सबसे खतरनाक टीम है. अफ्रीका सोच रहा था कि टेस्ट की जीत वाली फॉर्म दोहरा लेगा, लेकिन सूर्या की रणनीति और भारत के खिलाड़ियों की आक्रामकता ने उनकी उम्मीदें चूर कर दीं. 175 रन के जवाब में अफ्रीका की टीम सिर्फ 74 रन पर ढेर हो गई. मैदान में बल्लेबाज, गेंदबाज और फील्डर सबने ऐसा खेल दिखाया कि फैंस झूम उठे. शुरू में भारत लड़खड़ा गया था, विकेट जल्दी-जल्दी गिर रहे थे और फैंस की उम्मीदें टूट रही थीं, लेकिन तभी मैदान में आए भारत के दो शेर हार्दिक पांड्या और तिलक वर्मा जिन्होंने मैच का रुख बदल दिया.
हार्दिक पांड्या ने एकतरफा किया मुकाबला
हार्दिक पांड्या मैदान में उतरे ही थे कि उनका गुस्सा सीधा अफ्रीकी गेंदबाजों पर उतर गया. गर्लफ्रेंड माहिका शर्मा को पैपराजी द्वारा गलत एंगल से शूट किए जाने के बाद पांड्या पहले से ही गुस्से में थे, और कटक के मैदान ने वह आग अफ्रीकी गेंदबाजों पर दिखाई. टीम 78 पर 4 थी, लेकिन पांड्या ने आते ही मुकाबला बदल दिया. 28 गेंदों में नाबाद 59 रन, 210 से ऊपर स्ट्राइक रेट, चौकों-छक्कों की बरसात और पूरे मैदान की गूंज. इसी पारी के साथ उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 100 छक्के पूरे कर लिए और रोहित, सूर्या व विराट के बाद इस खास क्लब में शामिल हो गए. पांड्या ने दिखा दिया कि वह सिर्फ ऑलराउंडर नहीं, बल्कि असली मैच फिनिशर हैं.
तिलक वर्मा ने रचा इतिहास
पांड्या के साथ चल रहे थे युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा, जिन्होंने पारी को संभाला और एक इतिहास रच दिया. तिलक ने 25 साल की उम्र से पहले टी20 इंटरनेशनल में 1000 रन पूरे कर लिए, यह कारनामा न सचिन, न कोहली, न रोहित कर पाए थे. उनकी उपलब्धि ने टीम को मजबूती दी और भारत 175 तक पहुंचा. लक्ष्य का पीछा करने उतरी अफ्रीका की टीम शुरुआत से ही बिखर गई. अर्शदीप ने ओपनिंग में झटका दिया, फिर अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती ने अपनी सटीकियां दिखाईं. भारत ने पहले ही 10 ओवर में अफ्रीका की कमर तोड़ दी थी.
बुमराह की धार से उड़ गई अफ्रीका की बैटिंग
मैच का सबसे बड़ा पल तब आया जब जसप्रीत बुमराह ने पहला विकेट लिया. इसी के साथ उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 100 विकेट पूरे कर लिए और भारत के इतिहास में ऐसा करने वाले सिर्फ दूसरे गेंदबाज बने. लेकिन उनके नाम जो सबसे बड़ा रिकॉर्ड जुड़ा, वह यह कि बुमराह अब टेस्ट, वनडे और टी20—तीनों में 100+ विकेट लेने वाले भारत के पहले गेंदबाज बन गए. मलिंगा, साउदी और शाकिब जैसे दिग्गजों के क्लब में अब बुमराह का नाम चमक रहा है. पांड्या की दहाड़, तिलक का कमाल और बुमराह की धार ने मिलकर यह जीत टीम इंडिया को दिलाई, जिसे आने वाले सालों तक याद रखा जाएगा.