विदेश मंत्रालय (एमईए) ने मंगलवार को कहा कि यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुए हमलों के कारण लाल सागर क्षेत्र में बिगड़ते हालात को लेकर भारत को गहरी चिंता है। नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय ने कहा, "हमारे विदेश मंत्री ने ब्रिक्स समिट के दौरान सऊदी अरब के विदेश मंत्री के साथ बैठक की। बैठक में उन्होंने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों समेत कई मुद्दों पर चर्चा की। इसमें हूती विद्रोहियों का मुद्दा भी शामिल था। हाल ही में सऊदी अरब पर हमला हुआ था, जिसकी हमने निंदा की है। हम लाल सागर इलाके में बिगड़ते हालात को लेकर भी बहुत चिंतित हैं।"
शांति और स्थिरता बहाल
उन्होंने कहा, "हमने सऊदी अरब के इलाके पर हुए हमलों की निंदा की है, जिनमें आम लोगों के बुनियादी ढांचे और आर्थिक संपत्तियों को निशाना बनाया गया। ऐसे हमले इलाके में स्थिरता को कमजोर करते हैं और बाब-अल-मंदब जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही की आजादी के लिए खतरा पैदा करते हैं। ये हरकतें हमारे लिए बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं हैं। हम उम्मीद करते हैं कि इलाके में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी। हमें दुनिया के उस हिस्से से ऊर्जा की सप्लाई मिलती रहती है।"
सीमा-पार बढ़ते टकराव
यमन के हूती समूह ने सोमवार को कहा कि उसने दक्षिण-पश्चिमी सऊदी अरब में एक बड़े मिलिट्री एयर बेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। यह सीमा-पार बढ़ते टकराव में एक बड़ी तेजी को दिखाता है।
मिलिट्री सुविधाओं को निशाना
हूती-संचालित अल-मसीराह टीवी पर जारी एक बयान में मिलिट्री प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि समूह ने यमन की सीमा के पास दक्षिण-पश्चिमी सऊदी शहर खमीस मुशेत में किंग खालिद एयर बेस पर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन दागे। इस ऑपरेशन में बेस पर मौजूद फाइटर-जेट हैंगर, रडार सिस्टम, रनवे, गोला-बारूद डिपो और अन्य मिलिट्री सुविधाओं को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि हमले 'सटीक और सीधे' थे और इनसे भारी नुकसान हुआ।
हूती हमलों की निंदा
भारत ने पहले भी सऊदी अरब पर हूती हमलों की निंदा की है, खासकर आम नागरिकों और आर्थिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने को 'अस्वीकार्य' बताया है।