देश की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय व्यापार डील का ऐलान अब बस एक कदम दूर है। भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का एलान मंगलवार को होने जा रहा है। यह घोषणा 16वें इंडिया–EU शिखर सम्मेलन के दौरान की जाएगी। गणतंत्र दिवस के मौके पर EU के शीर्ष नेता पहले से ही भारत में मौजूद हैं। सरकार का कहना है कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए फायदे का सौदा साबित होगा।
क्यों खास है यह समझौता
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने साफ कहा है कि भारत और यूरोपियन यूनियन एक ऐसा समझौता चाहते हैं जिससे दोनों देशों के व्यापार, उद्योग और आम लोगों को फायदा मिले। यह डील सिर्फ आयात-निर्यात तक सीमित नहीं होगी, बल्कि निवेश, तकनीक और रोजगार के नए रास्ते भी खोलेगी। इसी वजह से इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी व्यापारिक डील माना जा रहा है।
दिल्ली में EU नेताओं की मौजूदगी
इंडिया–EU समिट और गणतंत्र दिवस समारोह के लिए यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा रविवार को दिल्ली पहुंचे। वहीं EU की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन पहले ही भारत आ चुकी हैं। यूरोपियन काउंसिल ने कहा है कि यह समिट भारत और EU की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने का मौका है। दोनों पक्ष कई अहम नीतिगत मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा करेंगे।
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मदर ऑफ ऑल डील्स क्यों कहा जा रहा
पीयूष गोयल पहले ही इस समझौते को मदर ऑफ ऑल डील्स बता चुके हैं। EU के ट्रेड कमिश्नर मारो सेफचोविच ने भी कहा है कि बातचीत अपने आखिरी दौर में है और समझौता जल्द पूरा हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक यह डील अब तक की सभी व्यापारिक डील्स से बड़ी होगी, क्योंकि इसमें भारत और EU के बीच लंबे समय का रोडमैप तय किया जा रहा है।
किन मुद्दों को रखा गया बाहर
सूत्रों के अनुसार भारत ने इस समझौते में अपने कृषि और डेयरी सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा है। इन क्षेत्रों में EU को कोई बड़ी रियायत नहीं दी जाएगी। इसके अलावा यूरोपियन यूनियन के कार्बन टैक्स और जंगलों से जुड़े नियमों पर भी पूरी सहमति नहीं बन पाई है। इसके बावजूद दोनों पक्ष मानते हैं कि यह डील भारत के हित में है।
भारत को क्या होगा फायदा
यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत के निर्यात को नई रफ्तार देगा और यूरोपीय बाजार तक भारतीय कंपनियों की पहुंच आसान बनाएगा। निवेश बढ़ेगा, नई नौकरियां बनेंगी और भारत की वैश्विक व्यापार में हिस्सेदारी मजबूत होगी। सरकार को भरोसा है कि यह समझौता भारत की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित होगा। अब सबकी नजरें मंगलवार के आधिकारिक ऐलान पर टिकी हैं।