भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ विवाद लगातार सुर्खियों में है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनातनी देखी जा रही है। इसी बीच यूरोपीय संघ (EU) ने बड़ा ऐलान किया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने साफ कहा है कि इस साल के अंत तक भारत और यूरोपीय संघ के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह कदम ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
भारत-अमेरिका रिश्तों में टैरिफ विवाद
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में तनाव टैरिफ की वजह से बढ़ा है। ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है, जिससे न सिर्फ भारत बल्कि अमेरिका की अर्थव्यवस्था को भी नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं, लेकिन व्यापारिक मतभेद दोनों देशों के बीच खाई पैदा कर रहे हैं।
भारत-यूरोपीय संघ रणनीतिक एजेंडा
यूरोपीय संघ ने बुधवार को भारत के साथ रक्षा, व्यापार और ऊर्जा क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने के लिए नया रणनीतिक एजेंडा पेश किया। इसमें सुरक्षा, कनेक्टिविटी, वैश्विक चुनौतियों से निपटना, समृद्धि, स्थिरता, प्रौद्योगिकी और नवाचार जैसे पांच प्रमुख क्षेत्रों पर फोकस किया गया है।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष का बयान
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि अब समय है भरोसेमंद साझेदारों पर ध्यान देने का। साझा हितों और समान मूल्यों पर आधारित साझेदारी को दोगुना किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूरोप पहले से ही भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और इस वर्ष के अंत तक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट को अंतिम रूप देने का संकल्प लिया गया है।
27 देशों के सामने पेश होगा प्रस्ताव
नए एजेंडे को यूरोपीय संघ के सभी 27 सदस्य देशों के सामने पेश किया जाएगा। इसके बाद इसे अगले साल भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में अपनाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता भारत की वैश्विक व्यापारिक स्थिति को और मजबूत करेगा तथा ट्रंप प्रशासन के लिए राजनीतिक और आर्थिक दोनों स्तर पर चुनौती साबित होगा।