मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच भारत में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर अफवाहों ने लोगों में घबराहट पैदा कर दी है। कई जगहों पर पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ देखी गई, लेकिन अब सरकार ने साफ कर दिया है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।
60 दिन का पूरा स्टॉक, सप्लाई सुरक्षित
सरकार के मुताबिक देश के पास करीब 60 दिनों के लिए कच्चे तेल और ईंधन का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इसमें लगभग 50 दिन का कमर्शियल स्टॉक और 9-10 दिन का रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व शामिल है। यानी अगर वैश्विक सप्लाई पर असर भी पड़ता है, तब भी भारत अपनी जरूरतें आराम से पूरी कर सकता है।
पेट्रोल पंपों पर क्यों लगी भीड़
अधिकारियों का कहना है कि पेट्रोल पंपों पर दिखी भीड़ असल में सोशल मीडिया पर फैली अफवाहों का नतीजा है। लोगों ने पैनिक बायिंग शुरू कर दी, जिससे कुछ जगहों पर अचानक दबाव बढ़ गया। हालांकि देश में कहीं भी ईंधन की कमी या राशनिंग जैसी स्थिति नहीं है।
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सरकार का साफ संदेश
पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से ही ईंधन का उपयोग करें। सभी पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और सप्लाई चेन पूरी तरह स्थिर है।
प्लान-B भी है तैयार
सरकार ने सिर्फ मौजूदा स्टॉक पर ही भरोसा नहीं किया है, बल्कि वैकल्पिक व्यवस्था भी मजबूत की है। अब भारत करीब 41 देशों से तेल-गैस आयात कर रहा है, जिससे किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हुई है। इसके अलावा रणनीतिक भंडार बढ़ाने और नई सप्लाई लाइनों पर भी काम चल रहा है।
रिफाइनरियां फुल कैपेसिटी पर
देश की रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, ताकि ईंधन की उपलब्धता बनी रहे। अतिरिक्त तेल और गैस की खरीद भी पहले से सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे आने वाले समय में भी कोई संकट न आए।
घबराने की नहीं, समझदारी की जरूरत
स्पष्ट है कि मौजूदा हालात में अफवाहों से ज्यादा खतरा पैनिक बायिंग से है। सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति को संभाल रखा है, इसलिए आम लोगों को भी संयम बनाए रखना जरूरी है।