पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने की आशंका के बीच भारत में गैस आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसी स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रियों को सख्त संदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश में गैस संकट को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या घबराहट फैलाने की कोशिशों पर कड़ी निगरानी रखी जाए। साथ ही जनता तक सही और प्रमाणित जानकारी पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
मंत्रियों को हालात पर लगातार नजर रखने के निर्देश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने मंत्रियों के साथ चर्चा के दौरान पश्चिम एशिया में जारी तनाव और उसके संभावित असर पर विस्तार से बात की। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि देश के भीतर गैस आपूर्ति और बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखें। साथ ही यह भी सुनिश्चित करें कि किसी भी तरह की अफवाह या गलत जानकारी लोगों तक न पहुंचे, जिससे अनावश्यक घबराहट का माहौल पैदा हो।
अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी निगरानी की सलाह
पीएम मोदी ने साफ तौर पर कहा कि मौजूदा हालात में कुछ लोग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से गलत सूचनाएं फैलाकर भ्रम और डर का माहौल बनाने की कोशिश कर सकते हैं। ऐसे लोगों पर कड़ी नजर रखना जरूरी है। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि वे सोशल मीडिया पर सक्रिय रहें और गलत दावों या भ्रामक प्रचार का तथ्यात्मक और आक्रामक तरीके से जवाब दें।
भारत की तैयारियां अन्य देशों से बेहतर
बैठक में प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि मौजूदा संकट केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरी दुनिया इस स्थिति से प्रभावित हो सकती है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि भारत ने संभावित संकट से निपटने के लिए मजबूत तैयारी की है। कई पड़ोसी देशों और अन्य अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति व्यवस्था अधिक मजबूत है।
जनता से घबराने के बजाय सतर्क रहने की अपील
प्रधानमंत्री ने इससे पहले एक जनसभा में भी लोगों से अपील की थी कि वे घबराएं नहीं और केवल सत्यापित जानकारी पर ही भरोसा करें। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार हालात पर नजर रखे हुए है और आम लोगों के हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरी ईंधन और गैस की आपूर्ति सामान्य बनी रहे।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भारत को कूटनीतिक राहत
इसी बीच भारत को कूटनीतिक स्तर पर एक महत्वपूर्ण राहत मिली है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत के बाद भारत के लिए एक सकारात्मक स्थिति बनी है। जानकारी के अनुसार, ईरान ने भारतीय ध्वज वाले तेल और गैस टैंकरों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने की अनुमति देने पर सहमति जताई है। इससे भारत की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।