India Gate uproar: दिल्ली के इंडिया गेट पर रविवार शाम वायु प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन उस समय हिंसक रूप ले गया, जब प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प छिड़ गई। माओवादी कमांडर मादवी हिडमा के पोस्टर लिए कुछ लोगों ने पेपर स्प्रे का इस्तेमाल किया, जिसके बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 23 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से 6 को सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने अदालत में बताया कि प्रदर्शनकारियों ने चिली पाउडर और पेपर स्प्रे का उपयोग किया और यह लोग पूरी तैयारी के साथ आए थे।
नक्सल नारे, पूरी तैयारी और चिली पाउडर'
दिल्ली पुलिस ने इस मामले में कर्तव्यपथ और पार्लियामेंट स्ट्रीट थानों में दो FIR दर्ज की हैं। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान नक्सलियों के समर्थन में नारे लगाए गए और पुलिस पर चिली पाउडर फेंका गया। कोर्ट में वीडियो पेश करते हुए पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को चार बार रोका गया, लेकिन वे जानबूझकर आगे बढ़े और स्थिति बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि हिरासत मिलने पर ही यह स्पष्ट होगा कि कहीं इसका नक्सल कनेक्शन तो नहीं है। हालांकि पुलिस ने साफ कहा कि पूछताछ में किसी तरह की मारपीट नहीं होगी और जांच शुरुआती चरण में है।
पढ़े-लिखे बच्चे, नक्सल लिंक बेबुनियाद'
आरोपियों के वकील ने अदालत में कहा कि ये सभी पढ़े-लिखे युवा हैं, जिन्होंने प्रदूषण को जल–जंगल–जमीन के मुद्दे से जोड़ा है। उनके मुताबिक FIR में कहीं भी नक्सलवाद की बात नहीं कही गई है, फिर भी युवाओं से अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। इधर, विवाद तब बढ़ा जब सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में प्रदर्शनकारी मादवी हिडमा के पोस्टर और नारेबाज़ी करते दिखे। प्रदर्शनकारियों ने ट्रैफिक रोकने की भी कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को बलपूर्वक उन्हें हटाना पड़ा। पुलिस के अनुसार स्थिति को बेकाबू होने से रोकने के लिए सभी गिरफ्तारियां आवश्यक थीं।