India GDP Growth: भारत की आर्थिक विकास दर को लेकर जारी चर्चाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की ओर से महत्वपूर्ण टिप्पणी सामने आई है। IMF ने भारत की अर्थव्यवस्था की रफ्तार को मजबूत बताते हुए कहा है कि देश वैश्विक आर्थिक वृद्धि में अहम भूमिका निभा रहा है। संस्था का मानना है कि भारत की ओर से आर्थिक आंकड़े जुटाने और उन्हें तैयार करने के तरीके में किए जा रहे बदलाव आगे चलकर GDP के आकलन को और सटीक बना सकते हैं।
नए औद्योगिक आंकड़ों से मिलेगी ज्यादा स्पष्ट तस्वीर
IMF के मुताबिक भारत ने इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) की नई सीरीज को अपने आंकड़ा तंत्र में शामिल किया है। इन बदलावों से देश में औद्योगिक गतिविधियों और कीमतों में होने वाले बदलावों को समझने के लिए ज्यादा आधुनिक डेटा उपलब्ध होगा। वॉशिंगटन में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान IMF की कम्युनिकेशंस डिपार्टमेंट डायरेक्टर जूली कोजैक ने कहा कि हालिया GDP रिलीज में इन नए आंकड़ों को शामिल किया गया है। उनके अनुसार, बेहतर और ज्यादा अपडेटेड डेटा का इस्तेमाल भविष्य में भारत की आर्थिक स्थिति और GDP के अनुमान को मजबूत करने में मदद करेगा।
7.8 फीसदी की ग्रोथ उम्मीद से बेहतर
भारत की आर्थिक वृद्धि दर के ताजा आंकड़ों को भी IMF ने सकारात्मक नजरिए से देखा है। कोजैक के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत की वास्तविक GDP में 7.8 फीसदी की वृद्धि दर्ज हुई। यह आंकड़ा IMF के कर्मचारियों के अनुमान के साथ-साथ कई अन्य पूर्वानुमानों से भी बेहतर रहा। उन्होंने बताया कि इस दौरान सर्विस सेक्टर और निर्यात ने अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम योगदान दिया। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत की घरेलू आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं।
GDP के आंकड़ों में भी दिखी तेजी
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MOSPI) की ओर से 31 अगस्त को जारी आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल से जून की तिमाही में वास्तविक GDP 7.8 फीसदी बढ़ी। पिछले साल इसी अवधि में विकास दर 6.9 फीसदी थी। स्थिर कीमतों पर देश की वास्तविक GDP 81.36 लाख करोड़ रुपये रही, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 75.46 लाख करोड़ रुपये था। वहीं मौजूदा कीमतों के आधार पर नॉमिनल GDP 10.3 फीसदी बढ़कर 88.27 लाख करोड़ रुपये हो गई।
GVA में भी मजबूत प्रदर्शन
पहली तिमाही में ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) के आंकड़ों ने भी अर्थव्यवस्था की मजबूती का संकेत दिया। वास्तविक GVA 8.2 फीसदी की बढ़त के साथ 73.82 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया। इसी दौरान नॉमिनल GVA 11.5 फीसदी बढ़कर 80.53 लाख करोड़ रुपये रहा। जानकारों के मुताबिक कैपिटल एक्सपेंडिचर, निर्माण गतिविधियों और सर्विस सेक्टर की बेहतर स्थिति ने आर्थिक गतिविधियों को सहारा दिया। ऐसे में IMF की ओर से नए डेटा सिस्टम की तारीफ को भारत के आर्थिक आंकड़ों की गुणवत्ता और भविष्य के GDP अनुमान के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
डेटा की गुणवत्ता पर भी IMF का जोर
भारत के आर्थिक आंकड़ों को लेकर राजनीतिक स्तर पर उठ रहे सवालों के बीच IMF ने सांख्यिकीय व्यवस्था को लगातार मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया है। संस्था ने भारतीय अधिकारियों की ओर से डेटा सिस्टम को आधुनिक बनाने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सांख्यिकीय ढांचे और आंकड़ों की गुणवत्ता में सुधार की प्रक्रिया जारी रहनी चाहिए। कुल मिलाकर, IMF का आकलन भारत की मौजूदा आर्थिक रफ्तार के साथ-साथ GDP तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले डेटा में हो रहे बदलावों को भी सकारात्मक संकेत के तौर पर देखता है।