India Gold Demand Decline : भारत में सोने की कीमतों में लगातार तेजी का असर अब इसकी मांग पर दिखाई देने लगा है। महंगे सोने के कारण लोग गहने खरीदने से बच रहे हैं। निवेश के लिए भी खरीदारी कमजोर हुई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के अनुमान के मुताबिक, 2026 में भारत में सोने की कुल मांग घटकर करीब 650 मीट्रिक टन रह सकती है। ऐसा हुआ तो कोरोना महामारी के बाद यह सबसे कम मांग होगी।
छह साल में सबसे कम हो सकती है मांग
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने मंगलवार को जारी अपनी रिपोर्ट में यह अनुमान जताया है। इससे पहले 2020 में कोरोना महामारी और लॉकडाउन के दौरान सोने की खरीदारी बुरी तरह प्रभावित हुई थी। उस समय जूलरी की दुकानें बंद रहने से मांग में बड़ी गिरावट आई थी। अब 2026 में एक बार फिर मांग उसी स्तर के करीब पहुंच सकती है। काउंसिल के भारतीय कारोबार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन जैन के मुताबिक, साल के शुरुआती नौ महीनों में ही गहनों की मांग कमजोर रही है।
सितंबर तिमाही में 29 फीसदी की गिरावट
सोने की मांग में गिरावट का असर जुलाई से सितंबर के आंकड़ों में भी दिखाई दिया। इस दौरान भारत में सोने की कुल मांग सालाना आधार पर 29 फीसदी घटकर 162.5 मीट्रिक टन रह गई। जूलरी की खरीदारी में 20 फीसदी की कमी आई, जबकि निवेश के लिए सोना खरीदने की मांग 40 फीसदी गिर गई। यानी लोग गहने खरीदने के साथ-साथ निवेश के लिए भी सोना खरीदने से पीछे हट रहे हैं।
महंगाई और महंगे सोने ने बिगाड़ा बजट
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, सोने की ऊंची कीमतें मांग घटने की बड़ी वजह हैं। ईरान युद्ध के बाद जीवन-यापन का खर्च बढ़ने से आम परिवारों के बजट पर दबाव पड़ा है। ऐसे में लोग सोने पर पहले जितना खर्च नहीं कर पा रहे हैं। कई ग्राहक गहने खरीदने का फैसला टाल रहे हैं, जबकि कुछ लोग कम वजन के गहने खरीद रहे हैं। इसका सीधा असर जूलरी कारोबार पर पड़ रहा है।
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कमजोर मॉनसून से गांवों में भी खरीदारी घटी
भारत में सोने की कुल मांग का आधे से ज्यादा हिस्सा ग्रामीण इलाकों से आता है। गांवों में लोग सोने को गहने के साथ बचत और संपत्ति के तौर पर भी देखते हैं। लेकिन 2026 में कमजोर मॉनसून ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल मॉनसूनी बारिश एक दशक से ज्यादा समय के सबसे निचले स्तर पर रही। इससे खेती और किसानों की आमदनी प्रभावित हुई। कम कमाई के कारण ग्रामीण परिवार सोने की खरीदारी पर खर्च घटा रहे हैं।
त्योहार और शादियों से उम्मीद, आयात भी घटा
कमजोर मांग के बीच दिवाली, धनतेरस और शादी के मौसम से राहत की उम्मीद है। इन मौकों पर भारत में सोना खरीदना शुभ माना जाता है और गहनों की खरीदारी बढ़ती है। हालांकि, ऊंची कीमतें और ग्रामीण इलाकों में कमजोर आय इस बढ़त को सीमित कर सकती हैं। दूसरी ओर, सितंबर तिमाही में भारत का आधिकारिक सोने का आयात भी घटा। सचिन जैन के मुताबिक, आयात शुल्क बढ़ने के बाद अनौपचारिक रास्तों से सोने की आवक बढ़ना इसकी एक वजह हो सकती है। इसलिए आधिकारिक आयात में गिरावट को बाजार में सोने की कुल उपलब्धता में उतनी ही कमी नहीं माना जा सकता।