मिडिल ईस्ट में युद्ध और बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया था। अमेरिका और ईरान के बीच हालात इतने बिगड़े कि वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बन गया। हालांकि अब सीजफायर की घोषणा हुई है, लेकिन इसके टूटने की खबरें भी सामने आ रही हैं। इस अनिश्चितता के दौर में जहां कई देशों की अर्थव्यवस्था लड़खड़ा गई, वहीं भारत ने मजबूती दिखाते हुए खुद को स्थिर बनाए रखा।
वर्ल्ड बैंक ने जताया भरोसा
इसी मजबूती को देखते हुए विश्व बैंक ने भारत को लेकर बड़ी खुशखबरी दी है। वर्ल्ड बैंक ने FY27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में यह अनुमान 6.3 प्रतिशत था। यानी वैश्विक संकट के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ने के रास्ते पर बनी हुई है। यह संकेत देता है कि भारतीय बाजार और नीतियां मुश्किल समय में भी संतुलन बनाए रखने में सक्षम हैं।
पहले भी दिखा चुका है दम
भारत ने इससे पहले भी संकट के समय अपनी ताकत साबित की है। कोरोना महामारी जैसे बड़े संकट में भी भारत तेजी से उभरा था और दुनिया ने उसकी रिकवरी की सराहना की थी। अब एक बार फिर वही तस्वीर देखने को मिल रही है, जहां वैश्विक तनाव के बावजूद भारत की ग्रोथ पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है।
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चेतावनी भी साथ में
हालांकि वर्ल्ड बैंक ने सिर्फ खुशखबरी ही नहीं दी, बल्कि कुछ चेतावनियां भी दी हैं। रिपोर्ट के अनुसार, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई पर दबाव बढ़ सकता है। इससे आम लोगों की खर्च करने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा फर्टिलाइजर और ईंधन पर बढ़ती सब्सिडी से सरकारी खर्च पर भी असर पड़ सकता है, जिससे ग्रोथ की रफ्तार थोड़ी धीमी हो सकती है।
डिमांड और निवेश पर नजर
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जीएसटी दरों में कमी से उपभोक्ता मांग को सहारा मिल सकता है, खासकर वित्त वर्ष की पहली छमाही में। लेकिन बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता और लागत में इजाफा निवेश की गति को प्रभावित कर सकता है। यानी आने वाले समय में संतुलन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होगी।
दक्षिण एशिया पर भी असर
वर्ल्ड बैंक के मुताबिक पूरे दक्षिण एशिया क्षेत्र की ग्रोथ भी प्रभावित हो सकती है। 2025 में जहां यह 7 प्रतिशत थी, वहीं 2026 में घटकर 6.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसका कारण वैश्विक ऊर्जा संकट और सप्लाई चेन की दिक्कतें हैं।
भारत के लिए साफ संदेश
इन सबके बीच भारत के लिए सबसे बड़ा संदेश यही है कि मजबूत नीतियां और स्थिर आर्थिक ढांचा देश को आगे बढ़ा रहा है। चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन रफ्तार थमी नहीं है। यही वजह है कि दुनिया भारत को एक मजबूत और भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के रूप में देख रही है।