भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से अटके व्यापार समझौते को लेकर एक बार फिर सकारात्मक संकेत मिले हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देश ट्रेड डील को अंतिम रूप देने के बेहद करीब हैं। उन्होंने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की तारीफ करते हुए उसे इस क्षेत्र में महाशक्ति बताया। रुबियो के इस बयान को ऊर्जा सहयोग और भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
ट्रेड डील पर क्या बोले मार्को रुबियो?
मुंबई में 20 अक्टूबर को एस. जयशंकर के साथ हुई बैठक के बाद रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बेहद करीब पहुंच चुके हैं। समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अब कुछ ही मुद्दों पर सहमति बनाना बाकी है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन मुद्दों को सुलझाने के बाद जल्द ही समझौते को लेकर सकारात्मक घोषणा हो सकती है।
हालांकि, रुबियो के बयान का यह मतलब नहीं है कि व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। दोनों देशों के बीच बातचीत अभी अंतिम चरण में है। ऐसे में समझौते की वास्तविक घोषणा और उसकी शर्तों पर सबकी नजर रहेगी।
व्यापार जैसे मुद्दों के कारण प्रभावित
भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की बातचीत पिछले कुछ समय से टैरिफ और ऊर्जा व्यापार जैसे मुद्दों के कारण प्रभावित रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों और भारत की रूसी कच्चे तेल पर निर्भरता को लेकर भी दोनों देशों के बीच मतभेद सामने आए थे। इसके बावजूद अब वार्ता में प्रगति के संकेत मिल रहे हैं।
भारत को बताया रिफाइनिंग महाशक्ति
रुबियो ने भारत की तेल रिफाइनिंग क्षमता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत के पास भारी कच्चे तेल को संसाधित करने की तकनीकी क्षमता और अनुभव है। उन्होंने विशेष रूप से वेनेजुएला के कच्चे तेल का जिक्र किया, जिसे रिफाइन करने में भारतीय कंपनियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।