केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत अब 64,000 से अधिक पेटेंट के साथ दुनिया का छठा सबसे बड़ा पेटेंट फाइलर बन गया है, जिनमें से 55 प्रतिशत से अधिक पेटेंट इंडियन इनोवेटर्स द्वारा दायर किए गए हैं।
केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस में वार्षिक टेक फेस्ट इनोटेक 25 में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में इनोवेटर्स के दर्ज किए गए पेटेंटों में यह महत्वपूर्ण वृद्धि देश के तेजी से परिपक्व हो रहे इनोवेशन इकोसिस्टम और इसकी बढ़ती वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता को दर्शाती है।
फ्रंटलाइन साइंटिफिक नेशन में बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला
उन्होंने भारत के एक फ्रंटलाइन साइंटिफिक नेशन में बदलते स्वरूप पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, देश ग्लोबल इनोवेशन इंडेक्स में 81वीं रैंक से 38वीं रैंक पर आ गया है, जोकि निरंतरता, ऐतिहासिक उपलब्धियों और देश के साइंस एंड टेक्नोलॉजी पर बढ़ते फोकस से हासिल की गई एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उन्होंने चंद्रयान-3, भारत में विकसित दुनिया की पहली डीएनए वैक्सीन, स्वदेशी एंटीबायोटिक्स और सफल जीन-थेरेपी ट्रायल जैसी उपलब्धियों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ये उपलब्धियां भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता और ग्लोबल लीडरशिप का प्रतिनिधित्व करते हैं।
युवा उद्यमियों को एक मंच पर साथ लाने को लेकर बेहद महत्वपूर्ण
केंद्रीय मंत्री सिंह ने कहा कि इनोटेक 25 जैसे इवेंट एक ऐसे बड़े नेशनल इकोसिस्टम को दर्शाते हैं, जो प्राइवेट पार्टनरशिप, डीप-टेक एंटरप्रेन्योरशिप और क्रॉस सेक्टर इनोवेशन को प्राथमिकता देते हैं। उन्होंने कहा कि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा समर्थित एक्सपो और कॉन्क्लेव इंडस्ट्री लीडर्स, रिसर्चर्स, उद्यम पूंजीपतियों और युवा उद्यमियों को एक मंच पर साथ लाने को लेकर बेहद महत्वपूर्ण होते हैं।