India Japan Military: भारत और जापान के बीच आयोजित संयुक्त सैन्य अभ्यास “धर्म गार्डियन 2026” उत्तराखंड के चौबटिया क्षेत्र में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 24 फरवरी से 8 मार्च तक चले इस अभ्यास में भारतीय सेना और जापान की ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स के सैनिकों ने साथ मिलकर कई तरह के सैन्य अभियानों का अभ्यास किया। इसमें आतंकवाद विरोधी कार्रवाई, शहरी युद्ध और पहाड़ी इलाकों में ऑपरेशन से जुड़ी रणनीतियों पर विशेष ध्यान दिया गया।
48 घंटे का ऑपरेशन
अभ्यास के समापन चरण में लगभग 48 घंटे का विशेष सैन्य अभ्यास आयोजित किया गया। इस दौरान काल्पनिक स्थिति बनाकर आतंकवादियों के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया गया। सैनिकों ने घेराबंदी और तलाशी अभियान, हेलीकॉप्टर से उतरकर कार्रवाई, बंधक बचाव मिशन और ड्रोन की मदद से निगरानी जैसी रणनीतियों का अभ्यास किया। इसके साथ ही शहरी क्षेत्रों में कमरे-दर-कमरे तलाशी अभियान भी चलाया गया।
रणनीतिक संदेश
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह अभ्यास सिर्फ सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि बदलते क्षेत्रीय सुरक्षा माहौल में एक महत्वपूर्ण संदेश भी देता है। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच भारत और जापान का सहयोग मजबूत होता दिखाई दे रहा है। दोनों देश क्षेत्र में स्थिरता और संतुलन बनाए रखने के लिए रक्षा साझेदारी को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं।
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पहाड़ी युद्ध की तैयारी
यह सैन्य अभ्यास उत्तराखंड के चौबटिया इलाके में आयोजित किया गया, जो पहाड़ी और जंगलों से घिरा कठिन भूभाग है। ऐसे इलाकों में सैन्य अभ्यास से जवानों को ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ऑपरेशन करने का व्यावहारिक अनुभव मिलता है। इसी तरह की भौगोलिक परिस्थितियां कई सीमावर्ती क्षेत्रों में भी देखने को मिलती हैं, इसलिए इस तरह का प्रशिक्षण सेना के लिए काफी उपयोगी माना जाता है।
साझेदारी मजबूत
अभ्यास के समापन समारोह में दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने इसे भारत और जापान के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि इस तरह के संयुक्त अभ्यास से दोनों सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ता है और भविष्य में साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने की क्षमता भी मजबूत होती है।