PAX Silica alliance: भारत ने अमेरिका के नेतृत्व वाले Pax Silica Alliance में शामिल होने के समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक सप्लाई चेन को सुरक्षित व विविध बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है। समझौते पर हस्ताक्षर एक अंतरराष्ट्रीय मंच पर हुए, जहां केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव भी मौजूद रहे।
क्या है पैक्स सिलिका गठबंधन
यह पहल सहयोगी देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसका फोकस भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करना और सुरक्षित एआई सिस्टम विकसित करना है। “पैक्स” शब्द शांति और स्थिरता का संकेत देता है, जबकि “सिलिका” आधुनिक तकनीकी ढांचे की ओर इशारा करता है।
चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति
गठबंधन का प्रमुख लक्ष्य किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता घटाना है। खासकर रेयर अर्थ मेटल्स की सप्लाई में विविधता लाने पर जोर दिया जा रहा है। अभी इन खनिजों के खनन और प्रोसेसिंग में चीन की मजबूत पकड़ मानी जाती है, जिसे संतुलित करने के लिए साझेदार देश मिलकर वैकल्पिक स्रोत विकसित करना चाहते हैं।
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एआई और टेक सप्लाई चेन पर फोकस
21वीं सदी की अर्थव्यवस्था में कंप्यूटर, सेमीकंडक्टर, बैटरी और उन्नत तकनीक की बड़ी भूमिका है। इन सभी के लिए लिथियम, कोबाल्ट और अन्य जरूरी खनिज अहम हैं। गठबंधन ऊर्जा, मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की योजना पर काम करेगा।
भारत की बढ़ती भूमिका
भारत के शामिल होने से यह साझेदारी और मजबूत हुई है। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत को एक अहम भागीदार माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम तकनीकी विकास, निवेश सुरक्षा और आर्थिक मजबूती के लिहाज से महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।