आयरलैंड दौरा भारतीय टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। पहले मुकाबले के बाद दूसरे टी20 में भी भारत जीत से सिर्फ एक रन दूर रह गया और पूरी सीरीज 2-0 से गंवा बैठा। विश्व विजेता टीम से ऐसी उम्मीद किसी ने नहीं की थी। इस हार के बाद खिलाड़ियों के प्रदर्शन के साथ-साथ टीम चयन और नए कॉम्बिनेशन पर भी सवाल उठने लगे हैं। लगातार 16 टी20 इंटरनेशनल सीरीज जीतने का सिलसिला भी यहीं टूट गया।
प्रिंस यादव ने डेब्यू पर रच दिया इतिहास
हार के बीच सबसे बड़ी राहत डेब्यू करने वाले प्रिंस यादव रहे। उन्होंने पहले गेंदबाजी में 4 ओवर में सिर्फ 22 रन देकर 3 विकेट लिए। इसके बाद बल्लेबाजी में आते ही पहली गेंद पर छक्का जड़ दिया। इसी के साथ वह टी20 इंटरनेशनल डेब्यू की पहली गेंद पर छक्का लगाने वाले तीसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए। इससे पहले यह कारनामा सूर्यकुमार यादव और रमनदीप सिंह कर चुके हैं। हाल के दिनों में वनडे और टी20 दोनों में डेब्यू कर चुके प्रिंस ने भविष्य के लिए मजबूत दावेदारी पेश कर दी।
बल्लेबाजों ने फिर किया निराश
पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजी सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई। ओपनर संजू सैमसन और इशान किशन उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। कप्तान श्रेयस अय्यर, शिवम दुबे और अक्षर पटेल भी बड़ा योगदान नहीं दे पाए। तिलक वर्मा ने रन जरूर बनाए, लेकिन उनकी धीमी बल्लेबाजी पर सवाल उठे। पहले मैच में 183 और दूसरे मैच में 155 रन का लक्ष्य भी भारत हासिल नहीं कर सका। आईपीएल में बड़े स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज आयरलैंड के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करते दिखे।
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हार की तीन बड़ी वजहें
भारत की हार के पीछे तीन मुख्य कारण रहे। पहला, ओपनिंग और टॉप ऑर्डर पूरी तरह फ्लॉप रहा। दूसरा, बीच के ओवरों में स्पिन गेंदबाज असर नहीं छोड़ पाए और विपक्ष पर दबाव नहीं बना सके। तीसरा, मिडिल ऑर्डर और निचले क्रम से भी जरूरी साझेदारियां नहीं मिलीं। दूसरे मुकाबले में आयरलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 154 रन बनाए, जिसमें हैरी टेक्टर ने सबसे ज्यादा 53 रन बनाए। जवाब में भारत 20 ओवर में 153 रन ही बना सका और सिर्फ एक रन से मैच हार गया। अब इस हार के बाद टीम मैनेजमेंट के सामने अगली सीरीज से पहले कई मुश्किल सवाल खड़े हो गए हैं।