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India-Mauritius relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मॉरीशस के प्रधानमंत्री डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम का स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई और कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। पीएम मोदी ने इस मौके पर कहा कि भारत और मॉरीशस केवल साझेदार नहीं बल्कि एक परिवार हैं। उन्होंने काशी और मॉरीशस के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित करते हुए इसे आत्मिक जुड़ाव करार दिया।
शिक्षा, ऊर्जा और समुद्री सहयोग पर नए करार
बैठक में शिक्षा और शोध को बढ़ावा देने के लिए आईआईटी मद्रास और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ प्लांटेशन मैनेजमेंट ने मॉरीशस यूनिवर्सिटी के साथ करार किए। समुद्री सुरक्षा के लिए भारत ने मॉरीशस के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सुरक्षा में सहयोग का आश्वासन दिया। दोनों देशों ने अगले पांच वर्षों तक संयुक्त हाइड्रोग्राफिक सर्वे और नौवहन सहयोग की योजना बनाई है। वहीं ऊर्जा क्षेत्र में भारत 100 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध करा रहा है और तमरिंद फॉल्स में 17.5 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट बनाने का निर्णय हुआ है।
Addressing the press meet with PM Dr. Navinchandra Ramgoolam of Mauritius.@Ramgoolam_Dr
— Narendra Modi (@narendramodi) September 11, 2025
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स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे में नई साझेदारी
भारत मॉरीशस में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए 500 बेड वाले आयुष सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और सर सेवूसागुर रामगुलाम नेशनल अस्पताल के विस्तार में सहयोग करेगा। इसके साथ ही पशु अस्पताल और वेटरिनरी स्कूल का निर्माण भी भारत की मदद से होगा। बुनियादी ढांचे में ATC टावर, हाइवे और रिंग रोड विस्तार जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। मॉरीशस के प्रधानमंत्री ने भारत के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि भारत की समय पर दी गई सहायता ने वहां के नागरिकों के जीवन स्तर में ठोस सुधार किया है।