संसद के बजट सत्र में प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात चिंताजनक हैं और इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। बीते कुछ हफ्तों में हालात तेजी से बिगड़े हैं, जिससे आर्थिक और सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां सामने आई हैं। प्रधानमंत्री ने साफ किया कि भारत इस स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और हर जरूरी कदम उठाया जा रहा है।
भारतीयों की सुरक्षा सबसे पहले
प्रधानमंत्री ने कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। इसके लिए 24 घंटे कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन शुरू की गई हैं। मिशन लगातार एडवाइजरी जारी कर रहे हैं ताकि लोगों को समय पर जानकारी मिल सके। उन्होंने बताया कि कई देशों के नेताओं से खुद बातचीत की गई है और सभी ने भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है।
तेल और गैस पर बढ़ी चिंता
प्रधानमंत्री ने बताया कि यह संकट ऐसे क्षेत्र में हो रहा है, जहां से भारत को बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस मिलती है। खास तौर पर होर्मुज जलमार्ग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। ऐसे में सप्लाई प्रभावित होने का खतरा बना हुआ है और सरकार इस पर विशेष ध्यान दे रही है।
एलपीजी और ऊर्जा पर रणनीति
सरकार ने साफ किया कि एलपीजी की घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही देश में उत्पादन बढ़ाने और आयात के स्रोतों को विविध बनाने पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत अब 41 देशों से ऊर्जा आयात कर रहा है। इसके अलावा देश के पास पर्याप्त रणनीतिक भंडार भी मौजूद है और इसे और बढ़ाने पर काम जारी है।
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इथेनॉल से मिल रही मजबूती
प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट के समय इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम देश को मजबूती दे रहा है। इससे पेट्रोल पर निर्भरता कम करने में मदद मिल रही है। उन्होंने बताया कि भारत लगातार अपने ऊर्जा विकल्पों को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है, जिससे भविष्य में ऐसे संकटों का असर कम किया जा सके।
अर्थव्यवस्था पर असर और सरकार की तैयारी
प्रधानमंत्री ने माना कि इस युद्ध का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर साफ दिख रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि देश की आर्थिक स्थिति मजबूत है और सरकार रणनीति के तहत काम कर रही है। साथ ही उन्होंने संसद से अपील की कि इस मुद्दे पर एकजुट संदेश दुनिया तक पहुंचना चाहिए, ताकि संकट का जल्द समाधान निकाला जा सके।