भारत की समुद्री सुरक्षा को नई मजबूती मिलने जा रही है। रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने स्वदेशी न्यूक्लियर पनडुब्बी INS अरिदमन और एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट INS तारागिरी को नौसेना में शामिल करने के संकेत दिए हैं। इन दोनों अत्याधुनिक युद्धपोतों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की मारक क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ और मजबूत होगी।
अरिदमन: समंदर के भीतर छिपी परमाणु ताकत
INS अरिदमन भारत की तीसरी स्वदेशी न्यूक्लियर पावर्ड बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी है, जो देश की समुद्री न्यूक्लियर क्षमता को नई ऊंचाई देगी। यह पनडुब्बी लंबी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों से लैस है, जिससे दुश्मन को दूर से ही निशाना बनाया जा सकता है। इसके शामिल होने से भारत की ‘सेकंड स्ट्राइक’ क्षमता और मजबूत होगी।
पहले से ज्यादा घातक और एडवांस
INS अरिहंत और INS अरिघात की तुलना में अरिदमन ज्यादा शक्तिशाली है। इसमें 8 वर्टिकल लॉन्च ट्यूब हैं, जो एक साथ ज्यादा मिसाइलें ले जाने में सक्षम बनाते हैं। K-4 और K-15 जैसी मिसाइलों से लैस यह पनडुब्बी 3500 किलोमीटर तक के टारगेट को भेद सकती है। इसका हल्का और स्टील्थ डिजाइन इसे दुश्मन की नजरों से बचाकर ऑपरेशन करने में मदद करता है।
तारागिरी: स्टील्थ तकनीक से लैस समुद्री योद्धा
INS तारागिरी एक एडवांस्ड स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसे अत्याधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। यह दुश्मन के रडार में आसानी से पकड़ में नहीं आती। करीब 6670 टन वजनी यह युद्धपोत लंबी दूरी तक ऑपरेशन करने में सक्षम है और समुद्र, हवा और पानी के भीतर तीनों मोर्चों पर लड़ाई लड़ सकता है।
आधुनिक हथियारों से लैस घातक सिस्टम
INS तारागिरी में ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइलें, एंटी-सबमरीन सिस्टम और मीडियम रेंज एयर डिफेंस मिसाइलें लगी हैं। इसके अलावा इसमें 127 मिमी की तोप और एडवांस्ड कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम मौजूद है, जो रियल टाइम में फैसले लेने में मदद करता है। यह युद्धपोत दुश्मन के जहाजों और पनडुब्बियों के लिए बड़ा खतरा साबित होगा।
समुद्री सुरक्षा और रणनीतिक संतुलन को मजबूती
इन दोनों प्लेटफॉर्म्स के शामिल होने से भारत की ‘कंटीन्यूअस एट-सी डिटेरेंस’ क्षमता मजबूत होगी। हिंद महासागर और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे संवेदनशील इलाकों में भारत की मौजूदगी बढ़ेगी। इससे न सिर्फ दुश्मनों पर दबाव बनेगा, बल्कि वैश्विक समुद्री व्यापार की सुरक्षा में भी भारत की भूमिका और अहम हो जाएगी।