India-Netherlands Relations: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब जेटन की मुलाकात के दौरान दोनों देशों ने अपने संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा दिया। बैठक में व्यापार, रक्षा, सेमीकंडक्टर, ग्रीन हाइड्रोजन और टेक्नोलॉजी समेत कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी। दोनों देशों के बीच कुल 17 समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए, जिन्हें भविष्य के आर्थिक और रणनीतिक सहयोग के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वैश्विक हालात और ऊर्जा संकट पर चर्चा
बैठक के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को लेकर चिंता जताई गई। दोनों नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की निर्बाध आवाजाही बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी तरह की रुकावट दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।
रक्षा और टेक्नोलॉजी पर खास जोर
भारत और नीदरलैंड ने रक्षा उपकरणों के संयुक्त निर्माण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और संयुक्त परियोजनाओं पर साथ काम करने का फैसला किया। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, स्पेस और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने की योजना बनाई गई। दोनों देशों ने ग्रीन हाइड्रोजन डेवलपमेंट रोडमैप भी लॉन्च किया।
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व्यापार और निवेश में मजबूत साझेदारी
नीदरलैंड भारत के लिए यूरोप का अहम व्यापारिक साझेदार माना जाता है। दोनों देशों के बीच 2024-25 में व्यापार करीब 27.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया। वहीं नीदरलैंड भारत में चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक भी है। रॉटरडैम पोर्ट भारतीय निर्यातकों के लिए यूरोप का बड़ा प्रवेश द्वार माना जाता है।
छात्रों और प्रोफेशनल्स को मिलेगा फायदा
दोनों देशों के बीच माइग्रेशन और मोबिलिटी समझौता भी हुआ है। इससे भारतीय छात्रों और पेशेवरों के लिए नीदरलैंड में पढ़ाई और रोजगार के नए अवसर खुल सकते हैं। बैठक में आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने पर भी सहमति बनी और दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति पर जोर दिया।