
भारत ने शुक्रवार को व्हाइट हाउस ट्रेड एडवाइजर पीटर नवारो के उस बयान को सख्ती से खारिज कर दिया, इसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत रूस से सस्ते दाम पर तेल खरीदकर “ब्राह्मण समुदाय को फायदा पहुंचा रहा है”. विदेश मंत्रालय ने इसे गलत और भ्रामक बताया. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हमने श्री नवारो द्वारा दिए गए गलत और भ्रामक बयान देखे हैं और हम उन्हें स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हैं.”
नवारो के विवादित बयान
पीटर नवारो, जो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड एडवाइजर के तौर पर काम कर रहे हैं, उन्होंने बीते महीने फ़ॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में भारत की रूस से बढ़ती तेल आयात नीति पर सवाल उठाए थे. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत रूसी तेल को खरीदकर रिफाइन कर रहा है और फिर अफ्रीका, यूरोप और एशिया जैसे क्षेत्रों में प्रीमियम पर बेच रहा है. उनके अनुसार, इससे सीधे-सीधे रूस की वार मशीन को ईंधन मिल रहा है.
ब्राह्मण कमा रहे हैं मुनाफा
नवारो ने कहा था, “मोदी एक महान नेता हैं, लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि वह पुतिन और शी जिनपिंग के साथ क्यों खड़े हैं, जबकि वे दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के नेता हैं. भारतीय लोगों को समझना चाहिए कि यहां क्या हो रहा है, ब्राह्मण भारत की जनता की कीमत पर मुनाफा कमा रहे हैं, और इसे रुकना चाहिए.”
ट्रंप की नीतियों से जोड़ा मुद्दा
नवारो ने भारत पर महाराजा ऑफ टैरिफ होने का भी आरोप लगाया और ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय सामान पर 50% शुल्क लगाने को सही ठहराया. उन्होंने दावा किया कि भारत की ऊर्जा नीति और व्यापारिक रवैया अमेरिका के लिए चिंता का विषय है.