भारत पाकिस्तान को सीधे तौर पर कोई नया कर्जा नहीं देता है, लेकिन पाकिस्तान पर अभी भी भारत का लगभग 300 करोड़ रुपये का बकाया है, जो 1947 में देश के विभाजन के समय का है। यह राशि कभी चुकाई नहीं गई है। सरकार के बजट दस्तावेजों के तहत केंद्रीय बजट 2021-22 भी शामिल है। पाकिस्तान पर अभी भी भारत का 300 करोड़ रुपए कर्ज बाकी है। दशकों बीत जाने के बाद भी यह राशि कभी चुकाई नहीं गई.
भारत-पाकिस्तान को नए लोन नहीं देता
इस समय भारत ने पाकिस्तान को कोई नया लोन या फिर वित्तीय सहायता नहीं दी है। राजनयिक संबंधों में गिरावट को लेकर भारत ने प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता को पूरी तरह से बंद कर दिया है। भारत से पाकिस्तान को कोई चालू क्रेडिट लाइन, सहायता पैकेज या विकास लोन नहीं देता है.
IMF से भी मिला कर्जा
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति काफी खराब है, और उसका कुल विदेशी कर्ज लगभग 130 अरब डॉलर है, जिसमें से सबसे बड़ा हिस्सा चीन का है। पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) से भी कर्जा मिला है, लेकिन इसके साथ ही कई शर्तें भी रखी गई हैं।
आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई कदम उठाए
पाकिस्तान की आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार ने लागत में कटौती के लिए कई उपायों का ऐलान किया है, जैसे कि मंत्रियों और सलाहकारों को इकॉनोमी क्लास में यात्रा करने का निर्देश देना और लग्जरी कारों का उपयोग बंद करना। इसके अलावा, सरकार ने विलासिता की वस्तुओं और सेवाओं पर कर बढ़ा दिया है और पेट्रोल की कीमतें बढ़ा दी हैं।
सुधार की कोशिश
पाकिस्तान में टैक्स पॉलिसी को सरल बनाने और एफबीआर का पुनर्गठन करने की योजना है। नौकरशाहों की संपत्ति विवरण सार्वजनिक करने और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करने की योजना बनाई है। विदेश में रह रहे पाकिस्तानियों को पाकिस्तान में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना है।