India Pakistan Tension: युद्ध के मैदान में धूल चाटने के बाद एक बार फिर पाकिस्तान को शांति की याद आ गई है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शांति का हवाला देते हुए बातचीत की पेशकस की है. आपको बता दें कि भारत के सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान पर कार्रवाई करते हुए उसे कुछ ही समय में घुटनों पर ला दिया था। अब शहबाज शरीफ ने कहा है कि वह शांति के लिए बातचीत करने को तैयार है. हालांकि भारत अपनी शर्तों पर अब भी कायम है. प्रधानमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि पानी और खून साथ नहीं बह सकते. आतंकवाद खत्म होने तक सिंधू जल समझौता रद्द ही माना जाएगा..
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क्या बोले शहबाज शरीफ?
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने गुरुवार को देश के पंजाब प्रांत का दौरा किया.. इस दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव में शामिल अधिकारियों और सैनिकों से बातचीत की. शहबाज शरीफ का कहना है कि पाकिस्तान शांति चाहता है और भारत से बातचीत को तैयार है. शरीफ के साथ उपप्रधानमंत्री इशाक डार, रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ, सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर भी मौजूद थे. आपको बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर में 100 आतंकी सहित करीब 140 लोगों को भारतीय सेना ने मौत के घाट उतार दिया था.
फिर अलापा कश्मीर का राग
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ भारत के साथ बातचीत और शांति के लिए शर्तों में कश्मीर मुद्दे को भी शामिल करने की बात कही है। आपको बता दें कि भारत लंबे समय से पूरी दुनिया को साफ कर रखा है कि केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे।
सहमति का विस्तार 18 मई तक
भारत और पाकिस्तान के बीच DGMO स्तर की वार्ता में शत्रुता खत्म करने के लिए 10 मई को सहमति बनी थी। अब दोनों देशों ने विश्वास बहाली के उपायों को जारी रखने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना ने बताया है कि दोनों देशों के बीच शत्रुता समाप्त करने पर बनी सहमति का विस्तार 18 मई तक किया गया है।