भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तल्खी अब सिर्फ राजनीति या सीमा तक सीमित नहीं रही। क्रिकेट मैदान पर भी इसका असर साफ दिखने लगा है। एशिया कप में हाथ न मिलाने से शुरू हुआ विवाद अब टी20 वर्ल्ड कप में मैच बहिष्कार तक पहुंच गया है। यही माहौल अंडर-19 क्रिकेट में भी नजर आ रहा है, जहां मुकाबले सिर्फ खेल तक सीमित नहीं रह गए हैं। अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए मैच में भी यही तनाव देखने को मिला।
बुलावायो में भारत की बड़ी जीत, पाकिस्तान बाहर
जिम्बाब्वे के बुलावायो में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-6 मुकाबले में भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे। पाकिस्तान को सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए यह मैच बड़े अंतर से जीतना जरूरी था, जबकि भारत को सिर्फ जीत या मामूली हार भी काफी थी। मैच में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 58 रन से हरा दिया। इस हार के साथ पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो गया और भारत ने सेमीफाइनल में जगह बना ली।
विकेट के बाद अचानक बढ़ी गरमा-गर्मी
मैच का नतीजा लगभग तय हो चुका था, तभी मैदान पर तनाव बढ़ गया। पाकिस्तान की पारी के 37वें ओवर की आखिरी गेंद पर भारत के उपकप्तान विहान मल्होत्रा ने पाक बल्लेबाज अली हसन बलोच को आउट कर दिया। यह पाकिस्तान का छठा विकेट था, जिसने उसकी हार पक्की कर दी। जहां एक तरफ भारतीय खिलाड़ी जश्न मना रहे थे, वहीं दूसरी तरफ मैदान पर माहौल अचानक गरम हो गया।
पाक बल्लेबाज पर भड़के वैभव सूर्यवंशी
विकेट गिरते ही भारत के स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी गुस्से में नजर आए। वह आउट हुए पाक बल्लेबाज की ओर कुछ कहते हुए बढ़ने लगे। यह देखकर विहान मल्होत्रा ने तुरंत जश्न छोड़ दिया और वैभव को रोकने के लिए उनके पास पहुंचे। वैभव लगातार कुछ कह रहे थे, लेकिन टीम के खिलाड़ियों ने मिलकर उन्हें शांत कराया। कुछ ही देर में बाकी खिलाड़ी भी वहां आ गए और मामला संभाल लिया गया।
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पहले भी हो चुके हैं पाक खिलाड़ियों से टकराव
यह पहली बार नहीं है जब वैभव सूर्यवंशी का पाकिस्तान के खिलाड़ियों से टकराव हुआ हो। इससे पहले दिसंबर में अंडर-19 एशिया कप के दौरान भी पाक खिलाड़ियों ने उनकी बल्लेबाजी के समय टिप्पणी की थी, जिस पर विवाद हुआ था। इसके अलावा एशिया कप राइजिंग स्टार्स टूर्नामेंट में भी वैभव को स्लेजिंग का सामना करना पड़ा था। लगातार ऐसी घटनाएं यह दिखाती हैं कि जूनियर स्तर पर भी भारत-पाक मैचों में तनाव बढ़ता जा रहा है।
तनाव का नुकसान खेल को ही हो रहा है
मैदान पर इस तरह की घटनाओं से सबसे ज्यादा नुकसान खेल की भावना को होता है। युवा खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ता है और उनका ध्यान खेल से भटकता है। भारत-पाक रिश्तों की तल्खी अगर इसी तरह क्रिकेट में उतरती रही, तो आने वाले समय में मुकाबले और ज्यादा तनावपूर्ण हो सकते हैं। जीत-हार से ज्यादा जरूरी है कि खिलाड़ी संयम रखें, वरना इसका असर उनके खेल और करियर दोनों पर पड़ सकता है।