नई दिल्ली। देश की डाक सेवा में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। एक सितंबर से रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा स्थायी रूप से बंद कर दी गई है। ब्रिटिश काल से चली आ रही यह सेवा अब सिर्फ इतिहास बनकर रह जाएगी। डाक विभाग ने सभी सरकारी दफ्तरों, अदालतों और संस्थानों को पहले ही निर्देश जारी कर दिए थे कि वे अपने नियमों में संशोधन कर लें। अब हर जरूरी दस्तावेज़ और चिट्ठी केवल स्पीड पोस्ट के जरिए ही भेजी जाएगी।
ब्रिटिश काल से चली आ रही सेवा हुई खत्म
रजिस्टर्ड पोस्ट का इतिहास बेहद पुराना है। यह सेवा अदालतों के समन, सरकारी आदेशों और बैंकों सहित आम नागरिकों के लिए सुरक्षित डिलीवरी का भरोसेमंद साधन रही है। लेकिन डिजिटल युग में डाक विभाग ने इसे समाप्त कर आधुनिक और तेज सेवा को प्राथमिकता दी है।
स्पीड पोस्ट बनेगा विकल्प
डाक विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब सभी जरूरी दस्तावेज़, नोटिस और पत्राचार स्पीड पोस्ट से ही भेजे जाएंगे। इससे ग्राहकों को तेज़ डिलीवरी, ट्रैकिंग सुविधा और अधिक सुरक्षा मिलेगी। विभाग का मानना है कि इस फैसले से संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और प्रक्रिया भी सरल बनेगी।
अदालतों और सरकारी दफ्तरों पर असर
अभी तक कई मामलों में दस्तावेज़ भेजने के लिए केवल रजिस्टर्ड पोस्ट की अनिवार्यता थी। लेकिन अब नियमों में बदलाव कर दिए गए हैं। अदालतों, सरकारी कार्यालयों और संस्थानों को पहले ही निर्देशित किया गया था कि वे इस बदलाव को लागू करें, ताकि किसी भी स्तर पर कार्य प्रभावित न हो।
डिजिटल युग की मांग
डाक विभाग का मानना है कि जब अधिकांश काम ऑनलाइन हो रहे हैं, तब डाक सेवाओं को भी समय के साथ अपडेट होना जरूरी है। स्पीड पोस्ट को रजिस्टर्ड पोस्ट की जगह देकर विभाग ने ग्राहकों को तेज और आधुनिक सुविधा देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।