
भारतीय डाक विभाग ने 170 साल पुरानी रजिस्टर्ड पोस्ट सेवा को बंद करने का ऐलान किया है। 1 सितंबर 2025 से यह सेवा समाप्त कर दी जाएगी और अब सभी जरूरी दस्तावेजों और पार्सलों को स्पीड पोस्ट के जरिए ही भेजा जा सकेगा। डाक विभाग का कहना है कि यह कदम सेवा को ज्यादा तेज़, पारदर्शी और तकनीकी रूप से बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है।
1854 में हुई थी रजिस्टर्ड पोस्ट की शुरुआत
रजिस्टर्ड पोस्ट की शुरुआत भारत में 1854 में हुई थी। इसे आमतौर पर संवेदनशील दस्तावेज, कोर्ट के पेपर, ऑफिशियल लैटर और कीमती सामान भेजने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। इसकी खासियत यह थी कि इसे सिर्फ उसी व्यक्ति को सौंपा जाता था जिसके नाम पर वह भेजी गई हो और रिसीवर से हस्ताक्षर लेकर डिलीवरी की पुष्टि की जाती थी।
स्पीड पोस्ट में मिलेंगी रजिस्टर्ड पोस्ट जैसी सुविधाएं
अब इन सभी सुविधाओं को स्पीड पोस्ट में शामिल किया जा रहा है। यानी स्पीड पोस्ट के ज़रिए भी रिसीवर के सिग्नेचर, ट्रैकिंग और डिलीवरी प्रूफ मिलेंगे। पहले स्पीड पोस्ट को सिर्फ उसकी तेज डिलीवरी के लिए जाना जाता था, लेकिन अब इसे ज्यादा सुरक्षित और विश्वसनीय बना दिया जाएगा।
घटती मांग के चलते लिया गया निर्णय
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, 2011-12 में रजिस्टर्ड पोस्ट से 24 करोड़ आर्टिकल्स भेजे गए थे, जो 2019-20 तक घटकर 18 करोड़ रह गए। कोविड महामारी के बाद इसमें और तेज गिरावट आई। लोगों ने डिजिटल साधनों और तेज सेवाओं को अपनाना शुरू कर दिया, जिससे रजिस्टर्ड पोस्ट की प्रासंगिकता कम हो गई।
अब कितना लगेगा खर्च?
रजिस्टर्ड पोस्ट की जगह लेने वाली स्पीड पोस्ट सेवा की कीमत अब दूरी और वजन के अनुसार तय की जाएगी।
• 50 ग्राम तक, 200 किमी से अधिक दूरी पर: ₹35
• 200 ग्राम तक, 200-1000 किमी: ₹40
• 200 ग्राम तक, 1000-2000 किमी: ₹60
• 2000 किमी से ज्यादा दूरी पर: ₹70
डाक सेवा का नया युग
ये बदलाव भारतीय डाक सेवा के डिजिटलीकरण और आधुनिकरण की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब देशभर में एकीकृत, तेज और भरोसेमंद डिलीवरी सिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।