नेपाल की मदद को लेकर भारतीय एयरफोर्स ने कई एयरक्राफ्ट को स्टैंडबाय पर रखा है। त्रासदी में अब तक 62 लोगों की मौत की खबर सामने आई है। नेपाल को भयंकर बाढ़ से उबारने को लेकर भारत सरकार ने मदद का हाथ बढ़ाया है. भारतीय वायु सेना ने नेपाल की सहायता को लेकर ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बेड़े C-17, C-130J और C-295 को स्टैंडबाय पर रखा है. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार (26 अगस्त 2026) की रात को एक C-130J ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट राहत सामग्री लेकर नेपाल के लेकर उड़ान भरी। इससे पहले पीएम मोदी ने नेपाल के पीएम बालेन शाह से फोन पर बातचीत करके त्रासदी पर दुख प्रकट किया। भारत की तरफ से हर संभव मदद का वादा किया.
अनावश्यक आवाजाही से बचने का आग्रह
बचाव और आपातकालीन कार्रवाई में मदद के लिए नेपाल सेना के दो हेलीकॉप्टर रसुवा भेजे गए हैं। गृह मंत्री सुधन गुरुंग ने जनता और यात्रियों से प्रभावित हाईवे और नदी के रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने का आग्रह किया है। उन्होंने भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के पास और मुग्लिन की ओर नीचे की तरफ रहने वाले निवासियों और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे अगली सूचना तक पूरी तरह सतर्क रहें।
खराब मौसम के कारण काठमांडू लौटे
इस बीच स्थानीय मीडिया आउटलेट कांतिपुर न्यूज के अनुसार, खराब मौसम के कारण रासुवा के बाढ़ पीड़ित इलाकों में बचाव का सामान लेकर गए तीन हेलीकॉप्टर खराब मौसम के कारण काठमांडू लौट आए।
अन्नपूर्णा हेलीकॉप्टर्स शामिल
काठमांडू एयरपोर्ट के अनुसार, लौटने वाले हेलीकॉप्टरों में एल्टीट्यूड एयर, एयर डायनेस्टी और अन्नपूर्णा हेलीकॉप्टर्स शामिल हैं। रास्ते में मौसम खराब होने के बाद ये हेलीकॉप्टर काठमांडू लौट आए।
एयरपोर्ट ने बताया कि खराब मौसम के कारण बाढ़ ग्रस्त इलाकों में और हेलीकॉप्टर भेजना मुश्किल है। गृह मंत्री सुदान गुरुंग और पर्यटन मंत्री खड़गराज पौडेल त्रिभुवन इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बचाव और राहत उड़ानों का समन्वय कर रहे हैं।