अमेरिका के हटने के बाद भी भारत इंटरनेशनल सोलर एलायंस को अपना समर्थन जारी रखेगा। यह बयान गुरुवार को एक वरिष्ठ अधिकारी की ओर से दिया गया। इंटरनेशनल सोलर एलायंस उन 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों में से एक है, जिनमें से अमेरिका ने बाहर निकलने का फैसला किया है।
इंटरनेशनल सोलर एलायंस के करीब 125 देश सदस्य हैं
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सरकार को मीडिया रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि इंटरनेशनल सोलर एलायंस उन 66 अंतरराष्ट्रीय संगठनों में शामिल है, जिसमें से अमेरिका ने बाहर निकलने का फैसला किया है। मौजूदा समय में इंटरनेशनल सोलर एलायंस के करीब 125 देश सदस्य हैं।
यूनिवर्सल एनर्जी तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके
अधिकारी के कहा कि इंटरनेशनल सोलर एलायंस अपने उस उद्देश्य पर केंद्रित है जिसके तहत सदस्य देशों को उनकी आवश्यकताओं के अनुरूप सौर ऊर्जा के विस्तार में आने वाली प्रमुख साझा चुनौतियों का सामूहिक रूप से समाधान करने में सहायता प्रदान करना है, जिससे यूनिवर्सल एनर्जी तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
सौर ऊर्जा के विकास और तैनाती
अधिकारी ने आगे कहा कि आईएसए सदस्य देशों,विशेष रूप से सबसे कम विकसित देशों और छोटे द्वीपीय विकासशील देशों के साथ सौर ऊर्जा के विकास और तैनाती, वित्त जुटाने, क्षमता निर्माण और जोखिम संबंधी धारणाओं को कम करने के लिए काम करना जारी रखेगा।
अमेरिकी समर्थन को निलंबित कर दिया
व्हाइट हाउस के एक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करके 66 संगठनों, एजेंसियों और आयोगों के लिए अमेरिकी समर्थन को निलंबित कर दिया। यह कदम उनके प्रशासन द्वारा संयुक्त राष्ट्र से संबद्ध संगठनों सहित सभी अंतरराष्ट्रीय संगठनों में भागीदारी और फंडिंग की समीक्षा के बाद उठाया गया है।
एजेंसियों से खुद को अलग कर लिया है
ट्रंप प्रशासन ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) और जलवायु पर केंद्रित अन्य संगठनों और एजेंसियों से खुद को अलग कर लिया है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका का पीछे हटना एक बड़ा झटका है, क्योंकि देश दुनिया का सबसे बड़ा प्रदूषक होने के साथ-साथ सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भी है।