India-Russia Relations: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हैदराबाद हाउस में हुई द्विपक्षीय बैठक दोनों देशों के रिश्तों को नई दिशा देने वाली साबित हुई। वार्ता के बाद भारत और रूस ने कुल सात अहम क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने का फैसला किया, जिनमें प्रवासन, स्वास्थ्य सेवा, मेडिकल शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, शिप बिल्डिंग, केमिकल्स और उर्वरक उत्पादन प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि अब रूस के नागरिकों को भारत आने के लिए फ्री ई-टूरिस्ट वीजा मिलेगा, जो 30 दिनों के लिए वैध होगा। दोनों देशों के बीच हुए इन समझौतों से आने वाले वर्षों में आर्थिक, रणनीतिक और औद्योगिक स्तर पर व्यापक सहयोग का नया अध्याय शुरू होने वाला है।
#WATCH दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज भारत और रूस के 23 वीं शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। उनकी यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब हमारे द्विपक्षीय संबंध कई ऐतिहासिक मील के पत्थर के दौर से गुजर रहे हैं। ठीक 25 वर्ष पहले… pic.twitter.com/ajXLSbOEUj
— ANI_HindiNews (@AHindinews) December 5, 2025
कामगारों की आवाजाही को मिलेगी राह
भारत और रूस के बीच अस्थायी श्रम गतिविधियों को लेकर हुए समझौते ने विदेशी रोजगार चाहने वाले भारतीय वर्कर्स के लिए नई उम्मीद जगाई है। इस समझौते के तहत भारतीय कामगार अब व्यवस्थित प्रक्रिया के साथ रूस में काम कर सकेंगे। बेहतर वेतन, सुरक्षित कार्य माहौल और कानूनी रूप से संरक्षित रोजगार का रास्ता खुलने से यूरोप, ब्रिटेन और कनाडा जैसे देशों में बढ़ती वीजा सख्ती के बीच यह समझौता बड़ा राहत देने वाला कदम माना जा रहा है।
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यूरिया उत्पादन में संयुक्त सहयोग
उर्वरक क्षेत्र को लेकर दोनों देशों के बीच हुआ समझौता भारत की कृषि जरूरतों पर सीधा सकारात्मक असर डालेगा। अभी भारत रूस से बड़े पैमाने पर यूरिया आयात करता है, लेकिन नए करार के बाद दोनों देश मिलकर यूरिया उत्पादन करेंगे। इससे न सिर्फ उर्वरकों का आयात बोझ कम होगा, बल्कि आपूर्ति भी स्थिर और सस्ती हो सकेगी। इसके अलावा हेल्थकेयर, मेडिकल एजुकेशन, खाद्य मानकों और समुद्री तकनीक से जुड़े समझौते भी भारत–रूस के बीच तकनीकी और औद्योगिक सहयोग को और मजबूत बनाएंगे।