जब न्यूजीलैंड ने भारत दौरे के लिए अपनी वनडे टीम का ऐलान किया था, तब ज्यादातर क्रिकेट फैंस को लगा था कि टीम इंडिया आसानी से सीरीज जीत लेगी। माना जा रहा था कि कीवी टीम भारत को कोई खास चुनौती नहीं दे पाएगी। लेकिन मैदान पर तस्वीर पूरी तरह बदल गई। न्यूजीलैंड ने शानदार खेल दिखाते हुए पहली बार भारत में वनडे सीरीज जीत ली। इस हार ने न सिर्फ टीम इंडिया को चौंकाया, बल्कि कई बड़े खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी सवाल खड़े कर दिए।
दूसरे और तीसरे मैच में बिगड़ा खेल
भारत ने सीरीज की शुरुआत जीत के साथ की थी, लेकिन अगले दोनों मुकाबलों में टीम पूरी तरह बिखरती नजर आई। बल्लेबाजी लगातार लड़खड़ाई और गेंदबाजी भी दबाव में आ गई। दूसरे वनडे में तो हालात ऐसे हो गए कि न्यूजीलैंड ने 285 रन का लक्ष्य सिर्फ तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया। तेज गेंदबाजों के साथ-साथ स्पिनर्स की भी जमकर धुनाई हुई और भारतीय गेंदबाजी बेअसर दिखी।
कुलदीप यादव की नाकामी बनी सिरदर्द
इस सीरीज में सबसे ज्यादा निराश करने वाला प्रदर्शन कुलदीप यादव का रहा। रवींद्र जडेजा पूरी सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले सके, लेकिन कुलदीप की पिटाई ज्यादा चर्चा में रही। तीन मैचों में कुलदीप ने कुल 25 ओवर डाले और 182 रन दे डाले। उन्हें सिर्फ तीन विकेट मिले। उनका औसत 60 से ज्यादा और इकॉनमी सात से ऊपर रही। जो कुलदीप आमतौर पर बीच के ओवर्स में विकेट निकालने की सबसे बड़ी उम्मीद होते हैं, वही इस बार रन रोकने में भी नाकाम रहे।
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वर्ल्ड कप से पहले बढ़ी चिंता
कुलदीप यादव का यह प्रदर्शन इसलिए और ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप बेहद करीब है। वर्ल्ड कप में कुलदीप को वरुण चक्रवर्ती के साथ मिलकर बीच के ओवर्स में विकेट निकालने की जिम्मेदारी निभानी होगी। साउथ अफ्रीका के खिलाफ पिछली वनडे सीरीज में कुलदीप ने नौ विकेट लिए थे, इसलिए उनसे उम्मीदें और ज्यादा थीं। अब सवाल यही है कि क्या टी20 सीरीज में कुलदीप अपनी लय वापस पा सकेंगे या फिर यह कमजोरी वर्ल्ड कप में भी टीम इंडिया पर भारी पड़ेगी। जवाब आने वाले कुछ मैचों में मिल जाएगा।