
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को कहा कि भारत रूस से सस्ता तेल खरीदकर उसे मुनाफे में बेच रहा है और यूक्रेन युद्ध को नजरअंदाज कर रहा है। इसी कारण वे भारत पर टैरिफ और बढ़ाएंगे। इससे पहले भी ट्रम्प ने 25% टैरिफ लगाने का ऐलान किया था, जो 7 अगस्त से लागू होगा।
भारत ने दिया खुला और तीखा जवाब
भारत ने पहली बार अमेरिका का नाम लेकर जवाब दिया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत को गलत तरीके से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगा।
अमेरिका और यूरोप खुद रूस से कर रहे व्यापार
भारत ने आंकड़ों के साथ बताया कि अमेरिका और यूरोपीय यूनियन खुद रूस से बड़ी मात्रा में तेल, गैस, उर्वरक और अन्य चीजें आयात कर रहे हैं। 2024 में EU और रूस का व्यापार 67.5 बिलियन यूरो का रहा, जो भारत-रूस व्यापार से कहीं ज्यादा है।
ट्रम्प चीन पर चुप, जबकि सबसे ज्यादा तेल वही खरीद रहा
भारत ने सवाल उठाया कि ट्रम्प चीन का नाम क्यों नहीं ले रहे, जबकि रूस से 47% कच्चा तेल चीन ने खरीदा है। भारत ने 38% और EU ने सिर्फ 6% तेल लिया है। अमेरिका ने भी इस साल 2.09 अरब डॉलर का सामान रूस से खरीदा है।
ट्रम्प के सलाहकार ने भारत पर लगाए गंभीर आरोप
ट्रम्प के सलाहकार स्टीफन मिलर ने कहा कि भारत अमेरिका के साथ ईमानदारी से पेश नहीं आ रहा और रूस से तेल खरीदकर यूक्रेन युद्ध को फंड कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि मोदी-ट्रम्प के रिश्ते अच्छे रहे हैं।
रूस से तेल पर भारतीय कंपनियों ने कम की खरीद
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय तेल कंपनियों ने रूस से तेल की खरीद में कमी की है क्योंकि छूट कम हो रही है और शिपिंग में दिक्कतें बढ़ रही हैं। इसके अलावा यूरोपीय प्रतिबंधों से भी रिस्क बढ़ा है।
अमेरिका से बढ़ाया तेल आयात, दवाएं हुईं सस्ती
टैरिफ की धमकी के बाद भारत ने अमेरिका से तेल आयात दोगुना कर दिया है। अप्रैल-जून में इसमें 114% की बढ़ोतरी हुई। वहीं, सरकार ने 37 जरूरी दवाओं की कीमतें 10-15% तक घटा दी हैं जिससे आम जनता को राहत मिली है।