India Sri Lanka Test : भारत ने श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से जीत ली, लेकिन कोलंबो टेस्ट में क्लीन स्वीप का सुनहरा मौका हाथ से निकल गया। इसकी सबसे बड़ी वजह श्रीलंका के निचले क्रम के बल्लेबाज रहे, जिन्होंने भारतीय गेंदबाजों को आखिरी विकेट लेने के लिए लंबा इंतजार कराया। मैच ड्रॉ होने के पीछे यही सबसे बड़ा कारण बनकर सामने आया।
303 गेंदों ने बदल दी कहानी
पूरी टेस्ट सीरीज में श्रीलंका के 9वें और 10वें नंबर के बल्लेबाजों ने कुल 303 गेंदों का सामना किया। यह आंकड़ा इसलिए चौंकाने वाला है क्योंकि दोनों मैचों में श्रीलंका के ओपनर्स कुल 216 गेंदें ही खेल पाए। यानी भारतीय गेंदबाज शुरुआती बल्लेबाजों को जल्दी आउट करने में सफल रहे, लेकिन टेलेंडर्स को समेटने में संघर्ष करते दिखे।
पहली पारी में भी मिला संकेत
कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में श्रीलंका ने 173 रन पर 7 विकेट गंवा दिए थे। उस समय लग रहा था कि टीम 200 रन के आसपास सिमट जाएगी। लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक परेशान किया और स्कोर 290 रन तक पहुंचा दिया। यहीं से संकेत मिल गया था कि भारत को आखिरी विकेट लेने में परेशानी हो रही है।
दूसरी पारी में छूटा जीत का मौका
फॉलोऑन खेलने उतरी श्रीलंका की टीम दूसरी पारी में भी 330 रन पर 7 विकेट गंवा चुकी थी। इसके बाद भारत को तेज़ी से बाकी विकेट लेने थे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। सोनल दिनुषा ने एक छोर संभाले रखा, जबकि निचले क्रम के बल्लेबाज लगातार समय निकालते रहे। नतीजा यह हुआ कि श्रीलंका 429/9 तक पहुंच गया और भारत जीत से दूर होता चला गया।
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पुरानी कमजोरी फिर आई सामने
भारतीय गेंदबाजी लंबे समय से एक समस्या से जूझती रही है। शीर्ष क्रम को जल्दी आउट करने के बाद आखिरी दो-तीन विकेट लेने में अक्सर काफी समय लग जाता है। कोलंबो टेस्ट में भी यही कमजोरी सामने आई। श्रीलंका के टेलेंडर्स ने समय खाया, गेंदें खेलीं और मैच को ड्रॉ तक पहुंचा दिया। हालांकि टीम इंडिया ने सीरीज 1-0 से अपने नाम की, लेकिन अगर निचले क्रम को जल्दी समेट लिया जाता तो क्लीन स्वीप भी भारत के खाते में होता।