India T20 Squad : अफगानिस्तान के खिलाफ 13 सितंबर से शुरू होने वाली टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान हो चुका है. चयनकर्ताओं ने अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण तैयार किया है. संजू सैमसन, जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ियों की वापसी हुई है, लेकिन कुछ ऐसे नाम भी हैं जिनके बाहर रहने पर सवाल उठ रहे हैं. हालिया प्रदर्शन को देखते हुए कई क्रिकेट प्रेमियों का मानना है कि इन खिलाड़ियों को मौका मिलना चाहिए था.
रिंकू सिंह का बाहर होना चौंकाने वाला
टी20 क्रिकेट में फिनिशर की भूमिका निभाने वाले रिंकू सिंह को इस बार भी जगह नहीं मिली. पिछले कुछ समय में उन्होंने कई अहम मौकों पर टीम के लिए उपयोगी पारियां खेली हैं. जिम्बाब्वे दौरे पर भी वह टीम का हिस्सा थे. बावजूद इसके श्रेयस अय्यर, तिलक वर्मा और शिवम दुबे जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी के बीच रिंकू के लिए जगह नहीं बन सकी. उनका नाम बाहर रहना सबसे ज्यादा चर्चित फैसलों में शामिल है.
रजत पाटीदार की मेहनत नहीं आई काम
घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में लगातार रन बनाने वाले रजत पाटीदार भी चयनकर्ताओं की नजर में जगह नहीं बना सके. उन्होंने पिछले कुछ सीजन में अपनी बल्लेबाजी से खास पहचान बनाई है. लेकिन टीम में पहले से मौजूद कई बल्लेबाजों के कारण उन्हें मौका नहीं मिला. मिडिल ऑर्डर में कड़ी प्रतिस्पर्धा का नुकसान पाटीदार को उठाना पड़ा.
भुवनेश्वर और क्रुणाल भी रह गए पीछे
अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार का नाम भी चर्चा में है. स्विंग गेंदबाजी और डेथ ओवरों के अनुभव के बावजूद उन्हें स्क्वाड में जगह नहीं मिली. वहीं क्रुणाल पंड्या ने हाल के समय में बल्ले और गेंद दोनों से प्रभावशाली प्रदर्शन किया है. आईपीएल में उनका योगदान काफी अहम रहा था, लेकिन चयनकर्ताओं ने अक्षर पटेल और वॉशिंगटन सुंदर पर ज्यादा भरोसा जताया.
मयंक यादव को भी करना होगा इंतजार
तेज रफ्तार गेंदबाजी के लिए पहचाने जाने वाले मयंक यादव भी टीम में शामिल नहीं किए गए. उनकी गति और आक्रामक गेंदबाजी ने पिछले सीजन में काफी सुर्खियां बटोरी थीं. हालांकि जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा जैसे विकल्पों की मौजूदगी के कारण उन्हें इस बार मौका नहीं मिल पाया. चयनकर्ताओं ने अनुभव और संतुलन को प्राथमिकता दी.
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प्रदर्शन से देना होगा जवाब
टीम चयन के बाद बहस तेज हो गई है कि क्या इन खिलाड़ियों के साथ नाइंसाफी हुई है. हालांकि भारतीय टीम में जगह बनाने की प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है और हर सीरीज में कुछ खिलाड़ियों को इंतजार करना पड़ता है. अब बाहर हुए खिलाड़ियों की नजर घरेलू क्रिकेट और आने वाले टूर्नामेंट पर होगी, जहां अच्छा प्रदर्शन कर वे फिर से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचने की कोशिश करेंगे.