Pakistan mediation: पश्चिम एशिया संकट के बीच हुई सर्वदलीय बैठक में एस. जयशंकर ने पाकिस्तान की संभावित मध्यस्थता पर स्पष्ट और कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने साफ कहा कि भारत किसी भी हाल में ऐसी भूमिका नहीं निभाएगा और अपनी स्वतंत्र विदेश नीति पर कायम रहेगा।
मध्यस्थता पर दो टूक जवाब
बैठक में जब पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल उठाया गया, तो जयशंकर ने कहा कि भारत कोई “दलाल देश” नहीं है जो दूसरों के लिए मध्यस्थता करे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका लंबे समय से पाकिस्तान का उपयोग इस भूमिका में करता रहा है, लेकिन भारत इस रास्ते पर नहीं चलेगा।
बैठक में उठे कई अहम सवाल
सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता राजनाथ सिंह ने की, जिसमें अमित शाह और निर्मला सीतारमण समेत कई वरिष्ठ मंत्री मौजूद रहे। विपक्ष की ओर से धर्मेंद्र यादव और मुकुल वासनिक ने पाकिस्तान की भूमिका पर सवाल उठाए।
सरकार का पक्ष
बैठक में इरान पर अमेरिका और इजरायल के हमलों को लेकर भी चर्चा हुई। विदेश सचिव ने बताया कि ईरान पर परमाणु कार्यक्रम को लेकर संदेह के कारण यह स्थिति बनी। सरकार ने यह भी कहा कि भारत लगातार हालात पर नजर रखे हुए है।
सरकार ने दिया भरोसा
सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पर्याप्त है और Strait of Hormuz से जहाजों की आवाजाही जारी है। आने वाले दिनों में और जहाज भारत पहुंचेंगे। साथ ही, भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और निकासी के लिए भी सरकार लगातार प्रयास कर रही है।