Team India Changes : श्रीलंका दौरे के बाद टीम इंडिया करीब तीन महीने तक टेस्ट क्रिकेट से दूर रहेगी। इसके बाद नवंबर में न्यूजीलैंड दौरे पर दो टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जाएगी। लेकिन इस बार चुनौती अलग होगी। श्रीलंका की स्पिन मददगार पिचों के मुकाबले न्यूजीलैंड में तेज गेंदबाजों और स्विंग को ज्यादा सहायता मिलती है। ऐसे में भारतीय स्क्वॉड में बदलाव लगभग तय माना जा रहा है।
स्पिनरों की संख्या हो सकती है कम
श्रीलंका सीरीज में स्पिनरों की भूमिका अहम थी, लेकिन न्यूजीलैंड की परिस्थितियां अलग हैं। ऐसे में कुलदीप यादव और हाल में डेब्यू करने वाले सारांश जैन जैसे स्पिनरों की जगह खतरे में मानी जा रही है। रवींद्र जडेजा का स्थान लगभग तय है, जबकि वॉशिंगटन सुंदर के फिट होकर लौटने की उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में अतिरिक्त स्पिनरों के लिए मौके सीमित हो सकते हैं।
तेज गेंदबाजों को मिलेगा फायदा
न्यूजीलैंड के वेलिंग्टन और क्राइस्टचर्च जैसे मैदान तेज गेंदबाजों के लिए अनुकूल माने जाते हैं। इसलिए भारतीय टीम अधिक पेसरों के साथ उतर सकती है। जसप्रीत बुमराह की वापसी लगभग तय मानी जा रही है। उनके साथ मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा प्रमुख विकल्प होंगे। गुरनूर बराड़ भी मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं, जबकि हर्षित राणा के फिट होने पर उनकी वापसी की संभावना बनी हुई है।
आकिब नबी को करना पड़ सकता है इंतजार
श्रीलंका दौरे पर स्क्वॉड में शामिल रहने के बावजूद आकिब नबी को मौका नहीं मिला था। अब न्यूजीलैंड दौरे पर तेज गेंदबाजों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण उनका रास्ता और मुश्किल हो सकता है। यदि वरिष्ठ गेंदबाज फिट रहते हैं तो नबी को एक बार फिर डेब्यू के लिए इंतजार करना पड़ सकता है।
सरफराज खान की चुनौती बढ़ी
बल्लेबाजी विभाग में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। सरफराज खान का नाम उन खिलाड़ियों में शामिल है जिनकी जगह पर सवाल उठ रहे हैं। न्यूजीलैंड की स्विंग और उछाल वाली पिचों पर उनकी तकनीक की परीक्षा होगी। टीम प्रबंधन अतिरिक्त गेंदबाजी विकल्प को ध्यान में रखते हुए नीतीश कुमार रेड्डी जैसे बल्लेबाजी ऑलराउंडर पर भरोसा जता सकता है।
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फॉर्म और परिस्थितियां तय करेंगी भविष्य
अभी अंतिम टीम का फैसला होना बाकी है, लेकिन परिस्थितियों को देखते हुए न्यूजीलैंड दौरे का स्क्वॉड श्रीलंका सीरीज से काफी अलग नजर आ सकता है। कुलदीप यादव, सारांश जैन, आकिब नबी और सरफराज खान जैसे खिलाड़ियों के लिए जगह बचाना आसान नहीं होगा। वहीं बुमराह, वॉशिंगटन सुंदर और कुछ अन्य खिलाड़ियों की वापसी चयन समीकरण पूरी तरह बदल सकती है। भारत की नजर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के महत्वपूर्ण अंक हासिल करने पर होगी, इसलिए टीम चयन में परिस्थितियों को सबसे बड़ा आधार माना जा रहा है।