प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने सोमवार को भारत–यूएई के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2032 तक दोगुना कर 200 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया। यह जानकारी यहां हुई बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दी गई। दोनों नेताओं ने 2022 में व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) पर हस्ताक्षर के बाद से व्यापार और आर्थिक सहयोग में हुई मजबूत वृद्धि का स्वागत किया। बयान में कहा गया कि वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-यूएई द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब डॉलर तक पहुंच गया है।
अपनी टीमों को दिशा-निर्देश दिए
नेताओं ने सितंबर 2025 में आयोजित 13वीं उच्चस्तरीय निवेश टास्क फोर्स और दिसंबर 2025 में हुई 16वीं भारत-यूएई संयुक्त आयोग बैठक तथा 5वीं रणनीतिक वार्ता के परिणामों का समर्थन किया। उन्होंने दोनों देशों की सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) इकाइयों को आपस में जोड़ने के लिए अपनी टीमों को दिशा-निर्देश दिए।
एमएसएमई उत्पादों को बढ़ावा
इस संदर्भ में ‘भारत मार्ट’, ‘वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर’ और ‘भारत–अफ्रीका सेतु’ जैसी प्रमुख पहलों के शीघ्र क्रियान्वयन का आह्वान किया गया, ताकि मध्य पूर्व, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और यूरेशिया क्षेत्र में एमएसएमई उत्पादों को बढ़ावा दिया जा सके।
गुजरात के धोलेरा में विशेष निवेश
नेताओं ने 2024 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय निवेश संधि से दोनों देशों में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश प्रवाह मजबूत होने पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने गुजरात के धोलेरा में विशेष निवेश क्षेत्र के विकास के लिए संभावित यूएई साझेदारी पर हुई चर्चाओं का भी स्वागत किया।
रणनीतिक ढांचे विकसित किए जाने की परिकल्पना
इस प्रस्तावित साझेदारी के तहत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, पायलट प्रशिक्षण स्कूल, मेंटेनेंस-रिपेयर-ओवरहॉल (एमआरओ) सुविधा, ग्रीनफील्ड बंदरगाह, स्मार्ट शहरी टाउनशिप, रेलवे कनेक्टिविटी और ऊर्जा अवसंरचना जैसे रणनीतिक ढांचे विकसित किए जाने की परिकल्पना की गई है। एलएनजी आपूर्ति समझौते के हस्ताक्षर का स्वागत किया, जिसके तहत 2028 से प्रति वर्ष 0.5 मिलियन टन एलएनजी की आपूर्ति होगी।