
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुतेरस के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने भारत की संयुक्त राष्ट्र में भूमिका को लेकर काफी तारीफ की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत यूएन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है और महासचिव एंटोनियो गुतेरस के भारत की सरकार के साथ काफी अच्छे संबंध हैं। दुजारिक ने ये भी कहा है कि यूएन में भारत की आवाज का काफी महत्व है और इसके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।
सिक्योरिटी काउंसिल में बदलाव का समर्थन
यूएन प्रवक्ता ने कहा कि महासचिव सिक्योरिटी काउंसिल में बदलाव का समर्थन करते हैं ताकि यह 1945 की बजाय 2025 की दुनिया को बेहतर तरीके से प्रतिबिंबित कर सके। उनका कहना था कि इस बदलाव का उद्देश्य संगठन को ज्यादा प्रभावी और प्रतिनिधित्वपूर्ण बनाना है।
स्थाई सदस्यता पर फैसला सदस्य देशों का
दुजारिक ने साफ तौर पर कहा किया कि सिक्योरिटी काउंसिल में किस देश को स्थाई सदस्यता मिलेगी, यह निर्णय सदस्य देशों पर निर्भर करता है। इस मामले का महासचिव अकेले फैसला नहीं कर सकते हैं।
भारत का बहुपक्षवाद में योगदान
दुजारिक का कहना है कि भारत यूएन में बहुपक्षवाद का मजबूत समर्थक है। बहुत सारे भारतीय संयुक्त राष्ट्र के कामकाज में सक्रिय हैं और संगठन की प्रभावशीलता बढ़ाने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि “भारत यूएन की महत्वपूर्ण आवाज है और वैश्विक मंच पर इसके योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।”
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बयान का समय और महत्व
वहीं ये बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मिलने वाले हैं। सोमवार (23 सितंबर, 2025) को संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक से इतर, दुजारिक ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में भारत की महत्वपू्र्ण भूमिका और यूएन में प्रभावशीलता बढ़ाने के लिए संगठनात्मक बदलाव पर जोर दिया।
भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका
स्टीफन दुजारिक के बयान से साफ होता है कि संयुक्त राष्ट्र में भारत की भूमिका लगातार बढ़ रही है। वैश्विक मंच पर भारत की आवाज को अब पहले से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। दुनिया के फैसले लेने वाले संगठन में भारत की बढ़ती प्रभावशीलता ने उसकी वैश्विक स्थिति को और मजबूत किया है।